*ब्लैक स्पॉट और क्रैश प्वाइंट पर सुधार कार्य 15 जनवरी से पहले पूरे करने के निर्देश*

 

*सड़क हादसों को रोकने के लिए प्रवर्तन एवं पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए: डीएम*

 

कानपुर नगर

 

जनपद में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम को लेकर जिला प्रशासन ने प्रवर्तन, पेट्रोलिंग और इंजीनियरिंग सुधारों को एक साथ तेज करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दुर्घटना संभावित स्थलों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई और विभागीय जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से तय की गई।

बैठक में अवगत कराया गया कि जनपद में वर्तमान में 264 क्रैश प्वाइंट चिन्हित किए गए हैं, जबकि पूर्व में 17 ब्लैक स्पॉट चिन्हित थे। इसके अतिरिक्त डीसीपी ट्रैफिक द्वारा 12 नए ब्लैक स्पॉट प्रस्तावित किए गए हैं, जिन पर आवश्यक तकनीकी परीक्षण और औपचारिक प्रक्रिया के बाद सुधार कार्य कराए जाएंगे।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि एनएचएआई, लोक निर्माण विभाग, परिवहन विभाग, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग आपसी समन्वय से सभी चिन्हित स्थलों पर सड़क इंजीनियरिंग सुधार, साइनेज, स्पीड कंट्रोल उपाय, प्रकाश व्यवस्था, ट्रैफिक मैनेजमेंट और आपात चिकित्सा व्यवस्था को प्राथमिकता पर सुनिश्चित करें। सभी विभागों को 15 जनवरी से पहले निर्धारित कार्य हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक विभाग द्वारा कराए गए कार्यों की बिंदुवार आख्या फोटोग्राफ सहित प्रस्तुत की जाएगी। कराए गए सुधार कार्यों की थर्ड पार्टी से क्रॉस चेकिंग कराई जाएगी और यदि किसी स्थान पर लापरवाही या कार्य अधूरा पाया गया, तो संबंधित विभाग की जिम्मेदारी तय करते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि ओवरस्पीडिंग, गलत लेन, बिना हेलमेट और अन्य यातायात उल्लंघनों पर सख्त प्रवर्तन सुनिश्चित किया जाए और यह कार्रवाई निरंतर दिखाई देनी चाहिए।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि एक जनवरी से जनपद में “यातायात माह” का आयोजन किया जाएगा। इसके अंतर्गत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस, परिवहन विभाग और प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लॉक और तहसील स्तर पर इन कार्यक्रमों की निगरानी संबंधित उप जिलाधिकारी करेंगे।

जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि जनपद में अब तक हुई सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु के कारणों का विश्लेषण कर आगामी बैठक में प्रस्तुतीकरण सुनिश्चित किया जाए, जिससे भविष्य की कार्ययोजना आंकड़ों के आधार पर तय की जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सड़क दुर्घटना में घायल किसी भी व्यक्ति के इलाज से कोई निजी अस्पताल या नर्सिंग होम इनकार नहीं करेगा। भारत सरकार के निर्देशों के उल्लंघन पर संबंधित अस्पताल के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में सीएमओ डॉ हरिदत्त नेमी, एआरटीओ कहकशां, डीआईओएस संतोष कुमार राय सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद थे।

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