उम्मीद जगी थी कि यातायात जाम से निजात मिलेगी

कानपुर। कमिश्नरेट लागू होने के बाद शहरवासियों को उम्मीद जगी थी कि यातायात जाम से निजात मिलेगी , लेकिन ऐसा हो नहीं रहा। चौराहों पर यातायात पुलिस सिर्फ खानापूर्ति कर रही है और इसकी बानगी हर्ष नगर चौराहे पर देखने को मिली। जहां पर टीएसआई ड्यूटी से नदारद रहे और कोटा पूरा करने के लिए मेट्रो में लगे सुरक्षा कर्मियों को जिम्मेदारी सौंप दी। निजी सुरक्षा कर्मी बिना हेलमेट वाहन सवारों और यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों की फोटो अपने मोबाइल में कैद कर लेते हैं। इसके बाद चौराहे पर आने पर टीएसआई को सौंप देते हैं और टीएसआई उन्ही फोटो के जरिये लोगों को ई चालान भेज रहे हैं। इससे साफ है कि फर्जी ई चालान के जरिये कानपुर यातायात पुलिस जनता की जेब पर डाका डाल रही है।

नरेन्द्र मोहन सेतु से लेकर हर्ष नगर चौराहे तक मेट्रो निर्माण कार्य के चलते बड़ा चौराहा जाने वाले मार्ग को वन-वे कर दिया गया है, ताकि यातायात जाम की समस्या न हो सके। इसके लिए हैलट पुल से लेकर हर्ष नगर तक कई टीएसआई भी लगाये गये हैं, लेकिन शहरवासियों को यातायात पुलिस जाम से निजात नहीं दिला पा रही है। हां, इसमें सबसे अधिक फायदा यातायात उप निरीक्षकों को है, क्योंकि मेट्रो सुरक्षा के लिए एक निजी कंपनी के सुरक्षा कर्मी लगाये गये हैं। इन्ही कर्मियों को यातायात चलाने की जिम्मेदारी सौंप यातायात उप निरीक्षक चौराहों से गायब रहते हैं।

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