चाहे कलमा पढने वाला हो और चाहे बिना कलमा वाला हो दोनों समाज और इंसानियत के दुश्मन है मौलाना मोहम्मद हाशिम अशरफी
या अल्लाह हमारे मुल्क को हरा भरा करके खुशहाली अता फरमा
कानपुर 27 / दिसंबर – ऐ अल्लाह हमारी सुरक्षा फरमा आफतो और मुसीबतो से छुटकारा देदे या अल्लाह कोरोना वायरस का खातमा फरमा कोरोना वायरस से भारत समेत पूरी दुनिया की हिफाज़त फरमा ऐ अल्लाह मस्जिदे अक्सा की हिफाज़त फरमा ,ऐ अल्लाह हम तेरे बन्दे हैं और तेरी बारगाह मे तौबा करते है। हमारी तौबा कबूल फरमा। हमें हर तरह के पाप और बुरे कामों से सुरक्षित फरमा ऐ अल्लाह तू जो चाहे छीन ले तू जो चाहे दे दे तू ही हाकिम तू ही मददगार तू ही जरूरतों को पूरा करने वाला है। पाताल से लेकर आकाश तक तेरी ही बादशाहत हैं ऐ अल्लाह हमारी परीक्षा न ले। जिन नेक बन्दों की परीक्षा तूने लिया है उनके सदके हमारी परीक्षा माफ फरमा दें। ऐ अल्लाह मुल्क से तहशतगर्दी और फिरका परस्ती को मिटा दे । ऐ अल्लाह हमारे मुल्क को हरा भरा करके खुशहाली प्रदान कर। ऐ अल्लाह तू हम सब से राजी हो जा। और हम से वो काम ले जिससे तू और तेरा नबी राजी हो। ऐ अल्लाह समाज में फैली हुई बुराईयों को खतम कर दे। ऐ अल्लाह हमारे समाज को अच्छा कर दें। ऐ अल्लाह जवान बेटीयों का रिश्ता देदे। ऐ अल्लाह जो निर्दाष लोग जेल मे हैं हजरत ख्वाजा गरीब नवाज के सदके में उन्हें रिहायी देदे। नमाज, रोजा, हज, जकात आदि की तौफीक देदें। आल इण्डिया गरीब नवाज़ के तत्वाधान में आयोजित मरकजी कुल शरीफ कंघी मोहाल बड़ा इमाम चौक में कौन्सिल के राष्ट्रिय अध्यक्ष मौलाना मो. हाशिम अशरफी ने नम आखों से दुआ की तो आमीन कहने वालो की आखों से आँसू बहने लगे। कुल में उपस्थित लोग भी दुआ में व्यस्त थे। हाथों को उठाये हुऐ थे । और फिर प्यार भरा नारा ख्वाजा ख्वाजा कहते है हिन्दुस्तान में रहते है की आवाजें हर तरफ से आने लगी। इससे पूर्व दर्जनों ओलमा ने अपनी तकरीरों मे कहा कि हम माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी से अपील करते हैं कि ख्वाजा गरीब नवाज जो पूरे देश विदेश के लिए एक महान संत पुरूष है उनके उर्स रजब की छुट्टी को राष्ट्रीय अवकाश घोषित करें
मौलाना अशरफी ने कहा ख्वाजा गरीब नवाज का आस्ताना ऐसा आस्ताना है जहाँ मुगलिया बादशाह से लेकर अमरीकी राष्ट्रपति ओबामा तक सैकड़ों शासको ने अपनी उपस्थति दी और मुहब्बत की चादर चढ़ा कर अपनी कामयाबी की प्रार्थना की पण्डित जवाहर लाल नेहरू ने कहा था कि दुनिया के अनेक भागों से ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह की सुरक्षा के संबध मे हजारो पत्र हमें प्राप्त हुऐ है। आज जरूरी है कि गरीब नवाज के मिशन को पूरे भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में फैलाया जाये। ख्वाजा गरीब नवाज का मिशन माँ बाप का दिल न दुखाओं, धुम्रपान यानी शराब गांजा, अफीम, स्मैक,चरस से बचना और बेसहारा गरीबो,, मोहताजों की मदद करना है । उलमा ने कहा ख्वाजा गरीब नवाज़ ने मानवता, इन्सानियत मुहब्बत भाईचारा का सदेंश दिया | इससे पूर्व जलसे का आगाज़ कुरान पाक की तिलावत से कारी मो. अहमद अशरफी ने किया । जलसे का संचालन हफ़ीज़ मो.अरशद अशरफी ने किया। शायरों ने गरीब नवाज की बारगाह में मनकबत पढ़ी। कुल शरीफ का आयोजन बड़े ही हर्ष और उल्लास से प्रारम्भ हुआ। शब्बीर भईया, शाह आलम, समी कुरैशी, मो. फकरू, मुन्ना मियां,जु़बैर वारसी,मुहम्मद वासिफ अशरफी,जावेद भाई,सईद गुड्डू,शारिक बरकाती,अज़मत,सलीम अहमद ,,कारी सैयद कासिम बरकाती,कारी नौशाद अजहरी,मौलाना अजमेरुद्दीन, मो.इदरीस,फखरुद्दीन बाबू आदि हजारों की तादाद में लोग मौजूद रहे ।
