बिल्हौर में जमीन कब्जे को लेकर खूनी तांडव दबंगों ने मां-बेटी को बनाया निशाना
महिला की उंगली काटी,घायल पीड़िता को पुलिस ने दो घण्टे थाने में थाने में बिठाया
तीसरे शिकायती पत्र पर दर्ज हुआ मुकदमा
बिल्हौर।थाना बिल्हौर क्षेत्र में जमीन विवाद ने खूनी रूप ले लिया। दबंगों ने दिनदहाड़े एक महिला और उसकी बेटी पर जानलेवा हमला कर इलाके में दहशत फैला दी। हमलावरों ने महिला की उंगली धारदार हथियार से काट दी और मां-बेटी को जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए।ग्राम सिहुरादारा शिकोह निवासी पीड़िता बिमला पत्नी स्व. संतराम के अनुसार, मंगलवार की सुबह करीब 10 बजे वह अपने घर पर मौजूद थी। तभी गांव के ही पंकज, राजन, विजय, सुनीता व मुस्कान पत्नी पंकज, शालू तथा कांती पत्नी सुभाष एकजुट होकर उसकी पैतृक भूमि पर जबरन कब्जा करने के इरादे से आ धमके। विरोध करने पर आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और देखते ही देखते मारपीट पर उतारू हो गए।शोर सुनकर पीड़िता की बेटी पायल मां को बचाने पहुंची तो दबंगों ने उसे भी नहीं बख्शा। दोनों को बेरहमी से पीटा गया। आरोप है कि इसी दौरान हमलावरों ने धारदार हथियार से बिमला की उंगली काट दी, जिससे वह लहूलुहान हो गई। जाते-जाते आरोपी मां-बेटी को जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए।घटना के बाद गांव में तनाव और दहशत का माहौल है।पीड़िता ने थाना प्रभारी बिल्हौर से आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
थाने में भी पीड़िता को झेलनी पड़ी पीड़ा
पीड़िता का आरोप है कि घटना के बाद जब वह घायल अवस्था में थाने पहुंची तो पुलिस ने उसे करीब दो घंटे तक बैठाए रखा। इस दौरान एक दरोगा ने प्रार्थना पत्र बदलने का दबाव बनाया। बिमला का कहना है कि उसकी उंगली से लगातार खून बहता रहा, बावजूद इसके उससे तीन बार अलग-अलग प्रार्थना पत्र लिखवाए गए।मामले ने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि महिला की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपितों पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
