भारतीय दलित पैंथर धनीराम पेंथर के नेतृत्व में शौर्य दिवस समारोह का आयोजन
आज कानपुर में समाज कल्याण सेवा समिति एवं भारतीय दलित पैंथर धनीराम पेंथर के नेतृत्व में शौर्य दिवस समारोह का आयोजन हुआ जिसमें कानपुर के तमाम सामाजिक संगठनों के बुद्धिजीवी उपस्थित हुए। इस मौके पर मिशन 78 कांशीराम संगठन प्रदेश पदाधिकारी के इं कोमल सिंह ने बताया कि आज ही के दिन सन 1818 में 500 महार सूरवीरों ने अपमान का बदला लेने के पेशवा शासन से युद्ध लडा क्योंकि पेशवाई के समय में ही कुछ मनुवादी मानसिकता के पेशवाओं ने शूद्रों के गले में मटकी और कमर में झाड़ू बांधने की अपमानित करने वाली परंपरा शुरु की थी जिसको लेकर पूरा शूद्र समुदाय क्रोधित था उस अपमान के बदले महार सैनिकों ने समानता की मांग की जिसको पेशवा ने मना कर दिया था ,उसी को लेकर जो जंग हुआ और उस जंग में पेशवा के 28000 सैनिक बुरी तरह से मारे गये और हारे । इसी दिन को शूद्र समाज उन महार सैनिकों के विजय होने पर शौर्य दिवस मनाते हैं खुद बाबासाहब अंबेडकर जी 1 जनवरी को उन महार सैनिकों को नमन करने हर साल भीमा गोरेगांव जाते थे। तभी से पूरे देश में ये उत्सव शौर्य दिवस के रुप में देश के हर जगह बहुजन समाज के लोग मनाते आ रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान पैंथर धनीराम बौद्ध ने बताया कि इंसान का इंसान से ही हो भाईचारा यही संदेश हमारा हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी समाज कल्याण सेवा समिति द्वारा लावारिस शवों का कन्यादान अभियान 5 जनवरी से लेकर 9 जनवरी तक किया जाएगा जिसमें सभी धर्म के लोगों को बुलाकर कंधा दान अभियान चलाया जाएगा। इस अवसर पर जीतू कैथल, एम पी गौतम, राकेश राव ,राहुल, पास्टर जितेंद्र सिंह पास्टर एबी सिह अरुण इंजीनियर कोमल सिंह बबली गौतम सैयद तौसीफ अहमद साजिद सर मोहम्मद सईद जावेद रहमानी अनवर अहमद शफीक सिद्दीकी सरदार रविंद्र सिंह अरोड़ा सरदार हरविंदर सिंह इंद्रपाल सिंह बबलू मनीष पैंथर नीलम गौतम पिंकी गौतम रानी दिवाकर अर्चना बौद्ध सीमा जीत वंदना बिना कुरील आदि लोग रहे।
