ओल्ड ब्वायज एसोसिएशन व हलीम मुस्लिम इण्टर सयुक्त रूप से हलीम डे कार्यक्रम का करेगी आयोजन

 

कानपुर हलीम मुस्लिम कालेज ओल्ड ब्वायज एसोसिएशन व हलीम मुस्लिम इण्टर कालेज के तत्वाधान में सयुक्त रूप से हलीम डे के प्रोग्राम का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता ओल्ड ब्वायज के चेयरमैन हाजी मो० सलीस ने की जिसका सचांलन आजिम हुसैन प्रधानाचार्य ने किया इस मौके पर पहले कुरआन ख्वानी हुई और हाफिज मो० हलीम, बशीर बारटला व उनकी वालिदा एवंम पूर्व प्रधानाचार्यों व पूर्व अध्यापको जिनका देहान्त हो गया उनकी मगफिरत की दुआ की गई बाद दुआ हाजी मो० सलीस ने अपने खिताब में कहा कि उस खुदा-ए-बुजुर्ग बर्तर का लाख लाख शुक व एहसान है जिसने हमें आपकी खिदमत में हलीम डे के मौके पर कुछ कहने की तौफीक अता फरमाई। दुनिया की जिन्दगी आजमाइश का एक वकफा और अमल की एक मोहलत है। यही वह हकीकी इल्म है जिसको हमारे असलाफ ने महसूस करते हुए मिल्लत के नौनिहालो को असरी तालीम से आरास्ता करने के लिए पूरे मुल्क में असरी तालीमी दर्सगाहें कायम की ताकि जमाने की तबदीलियों और तरक्की की दौड में हमारे नौनिहाल अपना किरदार अदा कर सके। इसी मकसद की तकमील के लिए सरजमीने कानपुर में कुछ मुहिब्बाने मिल्लत ने आगे बढ़कर जिसकी कयादत मौलवी फजलुर्रहमान वकील ने करते हुए 1914 में पानियर हाउस हीरामन पुरवा में मुस्लिम स्कूल की बुनियाद रखी जिसको बाद में खान बहादुर हाफिज मोहम्मद हलीम साहब जैसा मोहसिन-ए-मिल्लत मिला जिसने मौजूदा 17 एकड़ आराजी के एक किनारे पर हलीम कोर्ट और दूसरे किनारे पर एक मस्जिद तामीर कराकर मुस्लिम कौम की गिरती हुयी शाख को बचाने के लिए इस दर्सगाह का कयाम किया।इस मौके पर पूर्व प्रधानाचार्य मुशताक अहमद वाइस चेयरमैन डा० तारिक रजा फात्मी हाजी इश्तियाक निजामी ने खिताब किया।

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