बंद कमरे में पड़ा मिला रिटायर जेई का शव, 15 दिन से मोबाइल बंद; पत्नी-बेटियां बनारस में
कानपुर। जाजमऊ इलाके में गुरुवार को रिटायर्ड सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर विजय कुमार घोष (62) का शव उनके बंद घर में पड़ा मिला। वह पिछले कुछ वर्षों से पत्नी और दो बेटियों से अलग रह रहे थे। करीब 15 दिन से उनका मोबाइल बंद था, जिससे किसी को उनकी स्थिति का पता नहीं चल सका। गुरुवार दोपहर को उनकी बहन कल्पना घोष घर आईं और दरवाजे पर ताला देख कर अंदर से बदबू आने पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचा तो बेड पर उनका शव पड़ा था, जो पूरी तरह सड़ चुका था।
विजय कुमार घोष 2022 में सिंचाई विभाग से रिटायर हुए थे। उनकी पत्नी पूर्णिमा अधिकारी (रिटायर्ड इनकम टैक्स कर्मचारी) और बेटियां रुद्राणी (24) व ब्राह्मणी (20) बनारस में रहती हैं। रिटायर होने के बाद वे जाजमऊ स्थित आदर्श नगर कॉलोनी में अकेले ही रह रहे थे। छोटे भाई रमाकांत घोष और बहन कल्पना समय-समय पर फोन पर संपर्क रखते थे, लेकिन पिछले करीब 15 दिनों से उनसे बात नहीं हो पाई थी।
कल्पना घोष ने बताया कि वे हर 10-15 दिन में बड़े भाई का हालचाल लेने आती थीं। 25 दिसंबर से विजय का फोन बंद था। गुरुवार दोपहर जब उन्होंने घर देखा, तो दरवाजे पर ताला था और अंदर से दुर्गंध आ रही थी। पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद फॉरेंसिक टीम ने जांच की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
छोटे भाई रमाकांत ने बताया कि नए साल की बधाई देने के लिए फोन करने पर भी संपर्क नहीं हो पाया। जाजमऊ थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने कहा कि शव और आसपास की जगह की फॉरेंसिक जांच की गई है। तहरीर मिलने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
