विश्व हिंदी दिवस किया गया सम्मान
अंतरराष्ट्रीय कवि एवं साहित्यकार डॉ ओम प्रकाश शुक्ला अमिय को जिलाधिकारी कानपुर नगर ने सम्मानित किया।
विश्व हिंदी दिवस के शुभ अवसर पर आज कानपुर महानगर के अतिवरिष्ठ सुप्रसिद्ध साहित्यकार जिन्होंने देश में ही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदी साहित्य का परचम लहराया है, डॉ ओम प्रकाश शुक्ल ‘अमिय’ के केशव नगर स्थित “कविताई भवन” निवास पर कानपुर महानगर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने पधारकर उन्हें शुभकामनाएं व्यक्त कीं तथा इस अवसर पर साहित्यिक आदान-प्रदान अत्यंत अच्छे उल्लास पूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। बताते चलें डॉ ओमप्रकाश शुक्ल अमिय ने आधा दर्जन से अधिक देशों में अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर हिंदी को सार्वभौमिक करने में अपना महती योगदान प्रदान किया है। नेपाल, मॉरीशस, इंडोनेशिया, थाईलैंड, कंबोडिया इत्यादि देशों में हिंदी का परचम फहराया है। डॉ ओम प्रकाश शुक्ल अमिय मूल रूप से अवधी हास्य व्यंग के रचनाकार है किंतु अनेक विधाओं में आपकी रचनाएं प्रकाशित हैं। बृज भाषा में प्रकाशित रचना उद्धव चुपाए रहौ बहुत अधिक साहित्यिक रूप से पसंद की गई, इसके साथ ही बड़ा मजा आई हास्य व्यंग्य रचना है जो आज भी लोगों की जुबान पर चढ़ी हुई है। मॉरीशस संस्मरण की पुस्तक ‘हमहू मॉरीशस पहुंचे जाए’ उसके साथ ही ‘कैसे-कैसे रूप रंग की सवारी जिंदगी’ पुस्तकें प्रकाशित है। अतिशीघ्र उनकी महाकुंभ पर एक पुस्तक प्रकाशित होने वाली है।इस अवसर पर भाजपा शिक्षण संस्थान प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक डॉक्टर दिवाकर मिश्र वरिष्ठ साहित्यकार रामनरेश चौहान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अतिवरिष्ठ अधिकारी श्री ज्ञानेंद्र मिश्र, कानपुर विभाग के बौद्धिक शिक्षण प्रमुख किंजल्क कुमार त्रिवेदी,उत्कर्ष मिश्रा, प्रत्यूष शुक्ला, एलआईसी के क्षेत्रीय राजभाषा अधिकारी सुधीर शुक्ल लक्ष्मी नारायण मिश्रा श्रीमती सुषमा मिश्रा श्रीमती आशा शुक्ला श्रीमती सुशीला शुक्ला आदि उपस्थित रहे।
डॉ ओम प्रकाश शुक्ल ने अपनी समस्त प्रकाशित पुस्तकें जिलाधिकारी को सप्रेम भेंट की। सुधीर शुक्ला ने एलआईसी की राजभाषा गृह पत्रिका पुष्पांजलि जिलाधिकारी को भेंट की।
