रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा गया जीआरपी चौकी इंचार्ज, जेल भेजा गया, निलंबन व विभागीय जांच शुरू
कानपुर।
जीआरपी में व्याप्त भ्रष्टाचार के एक मामले में एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अनवरगंज जीआरपी चौकी इंचार्ज को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी दरोगा प्रेमचंद्र को अदालत में पेश किए जाने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तारी के बाद रेलवे पुलिस अधिकारियों ने उन्हें निलंबित करने की सिफारिश के साथ ही विभागीय जांच के आदेश भी जारी कर दिए हैं। आरोपी दरोगा पिछले एक वर्ष से अनवरगंज चौकी में तैनात थे।
जानकारी के अनुसार दिल्ली-हावड़ा रूट पर अनवरगंज स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर पत्थर लगाने का ठेका लेने वाली कंपनी के मेट से चौकी इंचार्ज प्रेमचंद्र लगातार दबाव बनाकर हर सप्ताह पांच हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर रहे थे। आरोप है कि मांग पूरी न होने पर दरोगा ने पिछले सप्ताह प्लेटफॉर्म पर काम कर रहे मजदूरों को जबरन वहां से उठवा दिया था और दबाव बनाने के लिए उनकी पिटाई भी कराई थी। इससे परेशान ठेकेदार ने एंटी करप्शन टीम कानपुर से शिकायत की।
शिकायत मिलने पर एंटी करप्शन कानपुर टीम के इंस्पेक्टर जटाशंकर के नेतृत्व में मामले की जांच कराई गई। जांच में ठेकेदार के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद दरोगा को रंगेहाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया। तय योजना के तहत सोमवार को ठेकेदार के मेट ने अनवरगंज स्टेशन के फर्रुखाबाद साइड फुट ओवरब्रिज के पास दोपहर करीब तीन बजे पांच हजार रुपये देने के लिए बुलाया। जैसे ही दरोगा प्रेमचंद्र ने रिश्वत की रकम लेकर जेब में रखी, वहां पहले से सादी वर्दी में तैनात एंटी करप्शन टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी दरोगा को वाहन से पुलिस लाइन ले जाया गया, जहां एंटी करप्शन टीम ने उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया। मंगलवार को उसे अदालत में पेश किया गया, जहां साक्ष्यों के अवलोकन के बाद न्यायालय ने उसे जेल भेज दिया।
एंटी करप्शन टीम ने इस पूरे प्रकरण की रिपोर्ट मुख्यालय भेजी, जिसके बाद रिपोर्ट जीआरपी अनुभाग आगरा को अग्रसारित की गई। रेलवे पुलिस अधिकारियों ने चौकी से गायब रहने और एंटी करप्शन टीम द्वारा गिरफ्तारी की पुष्टि होने पर दरोगा प्रेमचंद्र के निलंबन की सिफारिश कर दी है। साथ ही मामले में विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं। एसपी रेलवे द्वारा बुधवार को जांच अधिकारी नामित किए जाने की संभावना है। जांच के दौरान दरोगा के हमराह और कथित चहेते सिपाहियों की भूमिका और गतिविधियों का भी आकलन किया जाएगा।
इस संबंध में सीओ जीआरपी इटावा उदय प्रताप सिंह ने बताया कि अनवरगंज जीआरपी चौकी इंचार्ज को एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। विभागीय जांच के आदेश हो चुके हैं और एक-दो दिन में जांच अधिकारी नामित कर विस्तृत जांच कराई जाएगी।
