जिलाधिकारी श्री जितेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सरसैयाघाट स्थित नवीन सभागार में आम जनमानस को शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित किए जाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

 

बैठक में जिलाधिकारी ने जीएम जलकल को निर्देशित किया कि शुद्ध पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु जल स्रोत पर फिजिकल, केमिकल एवं बैक्टीरियोलॉजिकल जांच CPHEEO मैनुअल में उल्लिखित प्राविधानों के अनुसार निरंतर कराई जाए। साथ ही अंतिम उपभोक्ता बिंदु पर जल गुणवत्ता की जांच (OT टेस्ट) निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रतिदिन सुनिश्चित की जाए।

इस पर जीएम जल संस्थान द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में 50 स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से प्रतिदिन प्रत्येक समूह द्वारा 10-10 जल नमूने लिए जा रहे हैं, जिससे कुल 500 सैंपलों की प्रतिदिन मौके पर जांच कर जलापूर्ति की जा रही है।

 

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि नगरीय क्षेत्रों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में मोहल्ला निगरानी समितियों के माध्यम से जलजनित रोगों के प्रति आमजन को जागरूक किया जाए तथा इन समितियों को सक्रिय करते हुए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए।

 

 

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि शहरी क्षेत्रों एवं निकायों में संचालित पेयजल योजनाओं के अंतर्गत स्थापित SCADA सिस्टम की शत-प्रतिशत क्रियाशीलता सुनिश्चित की जाए। साथ ही क्लोरीन डोजिंग उपकरण की कार्यक्षमता बनाए रखी जाए। सीवर लाइन अथवा पेयजल पाइपलाइन में किसी भी प्रकार का ब्रेकडाउन या लीकेज पाए जाने पर उसे तत्काल ठीक कराया जाए।

 

इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने समस्त अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे मुख्यालय पर ही निवास करें तथा बिना अनुमति मुख्यालय न छोड़ें।

 

जिलाधिकारी ने समस्त अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित करते हुएकहां की उनके द्वारा अपने अपने क्षेत्रों की ओवर हेड टैंक को सफाई सुनिश्चित कराए जाए तथा सफाई के पश्चात पुन सफाई कब होगी है भी अंकित करवाया जाए।

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