*ओबीसी संगठन का आंदोलन, अधिवेशन रद्द होने का विरोध*
कानपुर नगर, 15 जनवरी 2026 – राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा (आरपीवीएम) ने ओडिशा में बामसेफ और भारत मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अधिवेशन की अनुमति रद्द किए जाने के विरोध में ज्ञापन दिया है। संगठन ने इसे ओबीसी की जाति आधारित जनगणना के मुद्दे को दबाने की साजिश बताते हुए आरोप लगाया कि आरएसएस-भाजपा के दबाव में प्रशासन ने ऐन समय पर परमिशन रद्द की।
ज्ञापन के माध्यम से दावा किया गया है कि कटक में 26 से 30 दिसंबर 2025 तक होने वाले अधिवेशन की सभी कानूनी अनुमतियां पहले ही मिल चुकी थीं, लेकिन प्रशासन ने अचानक इसे रद्द कर दिया। इसे संविधान के अनुच्छेद 14, 19 और 21 का उल्लंघन बताया गया है।
संगठन ने अधिवेशन की अनुमति तुरंत बहाल करने, आयोजकों को मुआवजा देने और ओबीसी जाति जनगणना कराने की मांग की है। साथ ही, ओडिशा सरकार को बर्खास्त करने की भी मांग रखी है।
आंदोलन के तहत 7 जनवरी को 725 जिलों में ज्ञापन दिया गया। अगले चरणों में 15 जनवरी को धरना, 22 जनवरी को रैली और 22 फरवरी को नागपुर में आरएसएस मुख्यालय के विरोध में महारैली की योजना है।
