बिल्हौर विधानसभा से बड़ी ख़बर
गौवंश अवशेष प्रकरण पर सियासत तेज, विधायक राहुल बच्चा सोनकर ने सीएम योगी से की मुलाकात
मुख्यमंत्री ने दी कठोर कार्रवाई का आश्वासन, पांच दिन बाद भी गिरफ्तारी शून्य
बिल्हौर। बिल्हौर विधानसभा क्षेत्र में सामने आए गौकशी एवं अवैध गौवंश अवशेष डंपिंग प्रकरण को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में बिल्हौर के लोकप्रिय विधायक राहुल बच्चा सोनकर ने लखनऊ में उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी महाराज से शिष्टाचार भेंट कर पूरे मामले की विस्तृत जानकारी दी।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रकरण को अत्यंत गंभीरता से सुनते हुए दोषियों के खिलाफ उचित और कठोर कार्रवाई का स्पष्ट आश्वासन दिया।विधायक राहुल बच्चा बताया मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदू जनमानस की भावनाओं, सनातन आस्था और गौ-माता की गरिमा का पूरा सम्मान रखा जाएगा और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।भेंट के बाद विधायक राहुल बच्चा सोनकर ने कहा कि वे बिल्हौर विधानसभा की जनता को भरोसा दिलाते हैं कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। कानून के अनुसार अंतिम व्यक्ति तक कार्रवाई होगी और गौ-संरक्षण व सनातन संस्कृति से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर विधायक के अनुज रोहित सोनकर ललित भी उपस्थित रहे।
पांच दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं, पुलिस पर उठे सवाल
शाहमपुर कोट रोड स्थित धार्मिक स्थल के पीछे पशुओं के अवशेष मिलने की घटना को पांच दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अब तक किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। जबकि मामले में 10 नामजद समेत कुल 35 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है, जिनमें नगर पालिका के वर्तमान और पूर्व चेयरमैनों के नाम भी शामिल हैं।घटना के बाद दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सत्ता–विपक्ष आमने-सामने, सोशल मीडिया पर आरोप-प्रत्यारोप
मामले को लेकर भाजपा और सपा आमने-सामने हैं। भाजपा जनप्रतिनिधि और हिंदू संगठन इसे आस्था से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं समाजवादी पार्टी इसे राजनीतिक रंग दिए जाने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है।सपा के कानपुर ग्रामीण जिलाध्यक्ष मुनींद्र शुक्ला ने भाजपा विधायक के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि प्रकरण को सांप्रदायिक रूप देकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
पालिका अध्यक्ष को लेकर चर्चाएं, प्रशासन की सफाई
राजनीतिक आरोपों के बीच नगर पालिका अध्यक्ष इकलाख खान के सार्वजनिक रूप से सामने न आने को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से वे कार्यालय नहीं पहुंचे हैं और फाइलों पर हस्ताक्षर बाहर किए जा रहे हैं।वहीं एसीपी बिल्हौर मंजय सिंह ने बताया कि मामले की जांच के लिए छह पुलिस टीमें और सर्विलांस यूनिट लगाई गई हैं। कुछ संदिग्धों से पूछताछ हुई है, लेकिन ठोस साक्ष्य न मिलने के कारण अभी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। जल्द ही साक्ष्य संकलन के बाद कार्रवाई की जाएगी।
कानून से ज्यादा राजनीति का अखाड़ा बना मामला
घटना के बाद नगर पालिका क्षेत्र में कुछ मांस की दुकानें बंद हैं और व्यापारी भय के माहौल में हैं। फिलहाल यह मामला कानून व्यवस्था से आगे बढ़कर राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो गया है, जहां हर पक्ष दबाव की रणनीति अपनाए हुए है। जनता की निगाहें अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
