कानपुर में महिलाओं की ढाल बना “वन स्टॉप सेंटर”
अप्रैल 2017 से दिसंबर 2025 तक 12,344 मामलों में मिली सहायता
2,735 मामलों में आपसी सुलह-समझौता हुआ संभव
1,744 मामलों में महिलाओं को तत्काल पुलिस सहयोग प्राप्त हुआ
महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण योगी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
कानपुर महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए योगी सरकार द्वारा संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर (यूनिट–1), कानपुर नगर महिलाओं के लिए एक मजबूत सहारा बनकर उभरा है। अप्रैल 2017 से दिसंबर 2025 तक इस केंद्र के माध्यम से कुल 12,344 मामलों में महिलाओं को सहयोग प्रदान किया गया। इन मामलों में आवश्यकता के अनुसार परामर्श, सुलह-समझौता, पुलिस सहायता, चिकित्सकीय उपचार, कानूनी मार्गदर्शन और सुरक्षित आश्रय जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। साथ ही, कई महिलाओं को कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी दिया गया।
*परामर्श और भावनात्मक सहयोग पर विशेष जोर*
इस अवधि में सबसे अधिक आवश्यकता महिलाओं को मानसिक और भावनात्मक सहयोग की रही। 5,322 महिलाओं और बालिकाओं को विशेषज्ञों द्वारा काउंसलिंग उपलब्ध कराई गई। इसके अलावा 1,068 मामलों में सुरक्षित आश्रय सुविधा भी प्रदान की गई।
*तुरंत मिली पुलिस की मदद*
वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से 1,744 मामलों में पुलिस की त्वरित सहायता उपलब्ध कराई गई। इसका उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण प्रदान करना रहा, ताकि वे बिना दबाव अपनी बात रख सकें और आवश्यक कार्रवाई समय पर हो सके।
*स्वावलंबन की दिशा में कदम*
वन स्टॉप सेंटर के जरिए 237 महिलाओं को कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़ा गया, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। इसके साथ ही महिलाओं को स्वास्थ्य और न्याय तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 618 मामलों में चिकित्सकीय सहायता तथा 620 मामलों में कानूनी परामर्श उपलब्ध कराया गया।
वर्जन
योगी सरकार की मंशा के अनुरूप वन स्टॉप सेंटर महिलाओं को एक ही छत के नीचे सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है। यहां परामर्श, पुलिस सहयोग, चिकित्सकीय, कानूनी सहायता और सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था की गई है।
— विकास कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी
