कानपुर। स्टाम्प व पंजीयन शुल्क में बड़ी राहत देने के साथ-साथ सरकार की धार्मिक नीतियों पर भी प्रकाश डालते हुए स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री रवीन्द्र जायसवाल ने शनिवार को सर्किट हाउस सभागार में एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया।
बनारस में अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति हटाए जाने के मामले में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार करते हुए मंत्री जायसवाल ने कहा, “जो कभी मंदिर में जाते न हो, पूजा-पाठ न करते हों और जिनकी पीढ़ी भी मंदिर न गई हो, ऐसे लोग मामलों को तूल देने का ही काम करते हैं।”
उन्होंने बताया कि बनारस में सीएसआर फंड से दो श्मशान घाटों के नवीनीकरण का काम चल रहा है। इसी दौरान मणिकर्णिका घाट के बाहर दीवार पर चिपकी अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति काम के चलते हट गई। जानकारी मिलते ही डीएम सहित अधिकारी मौके पर पहुंचे और मूर्ति को सुरक्षित निकाल कर रखवा दिया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि काम पूरा होने के बाद एक मंदिर बनाकर उसी मूर्ति की पुनः प्रतिष्ठापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि बनारस एक दैविक स्थल है और सरकार इसकी मर्यादा के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है।
*स्टांप शुल्क में राहत की घोषणा*
इससे पहले, मंत्री ने जनहित में किए गए कई नवाचारों की घोषणा करते हुए स्टांप व पंजीयन शुल्क में बड़ी राहत की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब विशेष प्रॉपर्टी की खरीद पर सर्किल रेट के बजाय निश्चित 5000 रुपये का शुल्क लगेगा। किराए के मकान या दुकान के लिए पहले 4% शुल्क था, जिसे अब घटाकर 500, 1000 व 2000 रुपये कर दिया गया है। इसी तरह, संपत्ति के बंटवारे के मामलों में भी अब केवल 5000 रुपये का निश्चित शुल्क देना होगा, जबकि पहले सर्किल रेट के आधार पर शुल्क अदा करना पड़ता था।
मंत्री रवीन्द्र जायसवाल ने कहा कि ये सभी निर्णय आम जनता को लाभ पहुंचाने और प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए लिए गए हैं।
