सीजीएसटी के नोटिस से परेशान गार्ड की नौकरी गई, डीएम से न्याय की गुहार
कानपुर। सीजीएसटी दिल्ली की ओर से तीन करोड़ से अधिक के बकाया टैक्स का नोटिस मिलने के बाद ओमजी शुक्ला की परेशानियां महीनों बीत जाने के बावजूद कम नहीं हो सकी हैं। नोटिस के चलते न केवल उनकी प्राइवेट कोचिंग में गार्ड की नौकरी चली गई, बल्कि राशन कार्ड भी निरस्त हो गया, जिससे परिवार के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इंसाफ की मांग को लेकर सोमवार को ओमजी शुक्ला व्यापारी नेताओं के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और पूरे मामले से प्रशासन को अवगत कराया।
भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र ने बताया कि ओमजी शुक्ला इससे पहले भी 4 नवंबर 2025 को जिलाधिकारी कार्यालय आए थे। उन्होंने जानकारी दी कि सीजीएसटी दिल्ली द्वारा डाक के माध्यम से ओमजी शुक्ला के पते पर धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले में 17 करोड़ 47 लाख 56 हजार 200 रुपये के टर्नओवर तथा उसके एवज में 3 करोड़ 14 लाख 56 हजार 116 रुपये टैक्स जमा करने का नोटिस भेजा गया था। इस नोटिस की जानकारी सामने आने के बाद ओमजी की नौकरी भी चली गई, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और अधिक खराब हो गई।
पीड़ित ओमजी शुक्ला ने जिलाधिकारी को बताया कि उन्होंने इस नोटिस का लिखित जवाब दिल्ली सेंट्रल जीएसटी कार्यालय को भेज दिया है और स्पष्ट किया है कि इस मामले में उनका कोई दोष नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके आधार और पैन कार्ड का गलत इस्तेमाल कर धोखाधड़ी की गई है, जिसके कारण उन्हें इस परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ओमजी ने कहा कि उनका परिवार किसी तरह किराए के मकान में रह रहा है और राशन कार्ड से मिलने वाली मदद भी बंद हो जाने से जीवन यापन करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने और उन्हें राहत दिलाए जाने की मांग की।
व्यापारी नेता ज्ञानेश ने दावा किया कि जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने पीड़ित की बात सुनने के बाद आश्वासन दिया कि प्रशासन की ओर से हरसंभव मदद की जाएगी और मामले को गंभीरता से लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
