जिलाधिकारी श्री जितेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक के दौरान निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि जनपद में 467 परियोजनाएं है जिनमें से जिनमें 364 परियोजनाएं जल जीवन मिशन की है शेष अन्य 103 परियोजनाएं अन्य विभागों की है जिसमें से 15 परियोजनाएं समय सीमा पूर्ण हो जाने के बाद चल रही है जिसके संबंध में जिलाधिकारी ने निर्देशित करते हुए कहां कि सभी परियोजनाओ को

युद्ध स्तर पर कार्य पूर्ण करे। उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि विभागीय सामंजस स्थापित करते हुए योजनाओं को समय से पूर्ण करना सुनिश्चित करें।

 

 

 

 

जिलाधिकारी ने समीक्षा करते हुए सभी कार्यदाई संस्थाओं को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण साइड के आस पास आम जनमानस के सुरक्षा के दृष्टिगत सभी आवश्यक कदम उठाए, जिससे कि कोई भी अप्रिय घटना न घटित हो, यदि निर्माण स्थल पर कार्यदाई संस्था की लापरवाही के कारण कोई दुर्घटना घटित होती है तो संबंधित के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कराई जाएगी।

जिलाधिकारी ने समस्त जिला स्तरीय टास्क फार्स के समस्त संबंधित अधिकारियों तथा तकनीकी अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि सभी निर्माणाधीन कार्यों के सत्यापन हेतु लगाई गई टीम द्वारा संयुक्त रूप से निर्माण की कार्यों की गुणवत्ता की नियमित जांच करते हुए समय से अपनी संस्तुति/मंतव्य सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।

बैठक में अधिशासी अभियंता जल निगम नगरीय यूनिट 1 श्रीमती तूलिका प्रसाद का बैठक में अनुपस्थित रहने पर उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए तथा बैठक में जल निगम नगरीय यूनिट 2 श्री प्रवीण द्वारा बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहने पर शो कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

 

जिलाधिकारी ने जिले की सर्वाधिक धीमी प्रगति वाली परियोजनाओं की सूची तैयार कर उनकी नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश मुख्य विकास अधिकारी को प्रदान किए।

जिलाधिकारी ने निर्देशित करते हुए कहा कि सभी विभागीय अधिकारी निर्माण कार्यों की प्रगति समयबद्ध रूप से पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करें तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

ई ऑफिस के संचालन की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने

10 कार्यालय के अधिकारियों को उनके कार्यालय के गो लाइव न होने के कारण जनवरी माह का वेतन रोकने के निर्देश दिए।

ई ऑफिस गो लाइव न होने वाले कार्यालय निम्नवत है-

1-कार्यालय, खण्ड विकास अधिकारी, चौबेपुर।

2-कार्यालय, खण्ड विकास अधिकारी, कल्यानपुर।

3-कार्यालय, खण्ड विकास अधिकारी, बिल्हौर।

4- कार्यालय, खण्ड विकास अधिकारी, शिवराजपुर ।

5-कार्यालय, खण्ड विकास अधिकारी, ककवन ।

6-कार्यालय, खण्ड विकास अधिकारी, घाटमपुर।

7-कार्यालय, खण्ड विकास अधिकारी, पतारा।

8-अधिशाषी अभियन्ता, विद्युत दक्षिणांचल ।

9-सहायक निदेशक, हथकरघा ।

10-जिला कीडा अधिकारी।।

उक्त सभी 10 अधिकारियों के जनवरी माह का

वेतन रोकने के निर्देश दिए।

समीक्षा के दौरान यह प्रकाश में आया कि विगत 03 माहो से ई-आफिस पर लॉगिन / कार्य न करने वाले लगभग 300 विभिन्न कार्यालयों के कार्मिकों द्वारा लॉगिन नहीं किया गया है।

इस संबंध में जिलाधिकारी ने कड़े निर्देश देते हुए कहा कि यदि 26 जनवरी तक जिनके द्वारा ई ऑफिस लॉगिन नहीं होता है तो उनका जनवरी माह का वेतन न आहरित किया जाए।

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