अमर शहीद हेमू कल्याणी अमर रहे अमर रहे अमर रहे के उद्घघोष के साथ याद किया
आज श्री झूलेलाल शिव मंदिर (13) ब्लाक गोबिंदनगर कानपुर में आज का दिन शहीद दिवस के रूप में मनाया गया क्योंकि आज के दिन 21 जनवरी, 1943 को ब्रिटिश सरकार नेहेमूकल्याणी जी को फांसी भर चढ़ा दिया था। अमर शहीद हेमूकलाणी जी की प्रतिमा पर मनोज तलरेजा,बंटी सिधवानी,
मनोज लालवानी, बलराम कटारिया आदि ने माल्यार्पण कर पूरे समाज ने पुष्प अर्पित श्रद्धांजलि दी। उनका जन्म 23 मार्च, 1923 में सुकुर सिंध प्रांत अखण्ड भारत में हुआ था। उनमें बचपन से ही देश भक्ति कूट कूट के भरी हुई थी।
अंग्रेजों से लड़ाई लड़ने के लिए जब हथियारों से भरी ट्रेन उनके क्षेत्र से गुजरने वाली थी तो उन्होंने पटरियां उखाड़ दी थी। इसीलिए ब्रिटिश शासक ने उन्हें 21जनवरी 1943 को फांसी पर लटका दिया। वो सपूत देश के लिए हंसते हंसते फांसी पर चढ़ के शहीद हो गए।
हमारा पूरा देश उनकी शहादत को उनके बलिदान को कभी भुला नहीं पाएगा।
अमर शहीद हेमूकल्याणी अमर रहे अमर रहे अमर रहे अमर रहे के नारों से पूरा झूलेलाल मंदिर प्रांगण गूंज उठा।
“शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले,
वतन पर मर मिटने वालों का यही बाकी निशाँ होगा।”
श्रद्धांजलि देने में मुख्य रूप श्यामलाल मूलचंदानी (अध्यक्ष ) ,सुरेश कटारिया, महेश मनचंदा, डॉ॰ सुरेश मदान, डॉ सुरेश आहूजा, डॉ अशोक पाहूजा,बंटी सिधवानी, संजू डाबरानी,नरेश फूलवानी, चंद्रभान मोहनानी,मुरारी लाल चुग, बिहारी लाल बजाज, बलराम कटारिया, गणेश बजाज,मनोज लालवानी, अनिल डाबरानी, सुरेश धमीजा, दिनेश कटारिया, विनोद मूर्जनी, मोहन मुकेश,अमित कटारिया, पूरन बजाज, मनोज डब्बू, हरिराम गंगवानी, सुनील अलवानी, लक्ष्मण दास, संजय चुग, राजकुमार मोटवानी, मनोज धमीजा,राजा मनवानी ,रमेश मुरझानी, ललित श्यामदासानी अमित खत्री, बलवंत मखीजा, श्याम बिजलानी,
महेश मखीजा, विश्वनाथ आहूजा,
कैलाश नहलानी, अनिल डोडवानी ,गौरव शिवानी,पण्डित माधव , प्रियंका आहूजा, दीपा रुपानी पूनम चुग, मंजू खत्री रोमा डबरानी,हेमा शर्मा, ज्योति गेरा, शीतल गेरा,
श्यामलाल मूलचंदानी
(अध्यक्ष)
