साइबर क्राइम में फर्जी फंसाने का आरोप, पीड़ित पिता ने खोली पूरी परत

 

दो करोड़ पचास लाख की ठगी केस में बेटे को बताया गया निर्दोष

 

पुलिस पूछताछ और गिरफ्तारी पर उठे सवाल

 

पीड़ित परिवार ने प्रेस वार्ता कर न्याय की लगाई गुहार

 

कानपुर जहां साइबर क्राइम के एक बड़े मामले में एक पिता ने अपने बेटे को झूठे केस में फंसाने का आरोप लगाया है,,,,पीड़ित पिता का कहना है,,,,कि दो करोड़ पचास लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने उनके बेटे को आरोपी बना दिया, जबकि वह पूरी तरह निर्दोष है,,,,आज पीड़ित परिवार ने प्रेस वार्ता कर पूरे मामले की टाइमलाइन और पुलिस कार्रवाई पर कई सवाल खड़े किए हैं,,,,अगर सही जांच हो तो सच्चाई सामने आएगी। हम चाहते हैं,,,,कि हमारे बेटे को न्याय मिले अब इस पूरे मामले में सबकी निगाहें पुलिस जांच और न्यायालय की प्रक्रिया पर टिकी हैं,,,,क्या वाकई निर्दोष को फंसाया गया या पुलिस के पास ऐसे सबूत हैं,,,,जो इस गिरफ्तारी को सही ठहराते हैं।

 

साइबर क्राइम पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया और सभी को पैरों के नीचे बैठाकर मुंह खुली तस्वीरें खिंचवाई गईं,जिनमें एक आरोपी उनका बेटा बिलाल बताया गया। उनका आरोप है,,,,कि बिलाल को बिना ठोस सबूत के मामले में घसीटा गया।पीड़ित पिता का कहना है,,,,कि 29 दिसंबर 2025 को साइबर क्राइम कार्यालय में उनसे पूछताछ की गई और उसी दिन उनके बेटे बिलाल को बुलाया गया पीड़ित के मुताबिक,पूछताछ के दौरान पुलिस अधिकारियों ने बिलाल से उसके बैंक अकाउंट और लेनदेन को लेकर सवाल किए बिलाल ने बताया कि उसके खाते में जो पैसे आए थे,वह पड़ोसी आदित्य गुप्ता के कहने पर डलवाए गए थे। आरोप है,,,,कि धमकी देकर बिलाल से अकाउंट का इस्तेमाल कराया गया और बाद में उसी को आरोपी बना दिया गया मेरा बेटा बीमार था, उसका ऑपरेशन हुआ था, वह मेरे पास ही रहता था। उसे जबरन बुलाया गया पूछताछ की गई और फिर आरोपी बना दिया गया। मेरा बेटा निर्दोष है,,,,हमें न्याय चाहिए। पीड़ित का आरोप है,,,,कि 31 दिसंबर 2025 को गिरफ्तारी दिखाई गई, जबकि 29 दिसंबर से ही साइबर क्राइम कार्यालय में पूछताछ चल रही थी। परिवार ने जांच अधिकारी और पूरी कार्रवाई पर पारदर्शिता न होने का आरोप लगाया

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