कानपुर रायपुरवा के कुशाग्र कनोडिया के अपहरण और हत्या के मामले में एडीजे 11 की कोर्ट ने तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।कोर्ट के इस फैसले का खास पहलू यह है कि दो धाराओं में उम्रकैद की सजा की वजह से कुशाग्र के कातिल पूरी जिंदगी जेल की सलाखोें के पीछे रहेंंगे।अक्टूबर 2003 में हुई कुशाग्र की हत्या के मामले में कोर्ट के फैसले को लेकर सभी की नजरें लगी हुई थीं।इसको लेकर कुशाग्र के पिता मनीष कनोडिया, मां सोनिया, चाचा सुमित कनोडिया समेत परिवार के अन्य सदस्य भी यहां पर आए थे।दोपहर में तीनों दोषियों को कोर्ट में पेश किया गया।एडीजीसी भास्कर मिश्र ने बताया कि एडीजे 11 सुभाष सिंह शाक्य की कोर्ट ने प्रभात शुक्ला और शिवा को धारा 364 ए, 302 में उम्रकैद और एक लाख 10 हजार रूपए जुर्माना और 201 आईपीसी में सात वर्ष की सजा सुनाई है, इसके अलावा ट्यूशन टीचर रचिता वत्स को 364 ए और धारा 302 में उम्रकैद की सजा और 50—50 हजार का जुर्माना लगाया है। कोर्ट का फैसला आते ही कुशाग्र के परिजन एक बार फिर भावुक हो गए।कुशाग्र की मां की आंखों से आंसू तो रूकने का नाम ही नहीं ले रहे थे।

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