मतदाता जागरूकता पर कविता के लिए एसडीएम नर्वल को पुरस्कार
कानपुर नगर।
राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर मतदाता जागरूकता विषय पर लिखी गई कविता के लिए एसडीएम नर्वल एवं ईआरओ महराजपुर विवेक कुमार मिश्रा को भारत निर्वाचन आयोग ने पुरस्कृत किया है। चयनित कविता के लिए उन्हें 3,000 रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
निर्वाचन आयोग द्वारा चयनित यह कविता आयोग की आधिकारिक पत्रिका उमंग में प्रकाशित की गई है। कविता में मताधिकार के महत्व, निष्पक्ष मतदान और संविधान आधारित लोकतांत्रिक मूल्यों को सरल शब्दों में प्रस्तुत किया गया है।
राष्ट्रीय मतदाता दिवस
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मत का दान राष्ट्र सेवा है,
मत है जनता का अधिकार।
मत से लोकतंत्र की ताकत
मत ही जनता का हथियार।
सच्चे मतदाता बनकर हम
लोकतंत्र का मान बढ़ाएं।
अपना हिंदुस्तान बनाएं।
अपना हिंदुस्तान सजाएं।।
मत से बहुमत,मत से जनमत
मत,जन जन के मन का अभिमत।
मत से ही जनता समझाती
राजनीति से अपनी सहमति।।
भिन्न भिन्न मत पन्थ वर्ग सब
लोकतंत्र में एक समान।
संविधान की दृष्टि बराबर
हर मत को पूरा सम्मान।।
संविधान की पुस्तक को ही
गीता और कुरान बनायें।
आओ हिंदुस्तान बनायें
अपना हिंदुस्तान सजाएं।।
पहला कदम सभी मतदाता
मतसूची में पंजीकृत हों।
बालक वृद्ध पुरुष महिलाएं
जो जैसे हों वर्गीकृत हों।
ना छूटा हो नाम किसी का
ना ही अंकित हो दो बार।
जिसकी भी हो उम्र अठारह
मत के लिये रहे तैयार।।
सूची रहे शुद्ध शत प्रतिशत
इसकी ऐसी शान बनाएं।
आओ हिंदुस्तान बनाएं
अपना हिंदुस्तान सजाएं।
अगला कदम सभी मतदाता
घर से निकलें,मत को डालें।
मत के दिवस बिना मत डाले
और न कोई काम संभालें।
बिना लोभ लालच के भय के
स्वच्छ और निष्पक्ष वोट हो।
जाति धर्म भाषा आधारित
नहीं कहीं पर कोई खोट हो।
मत पावन है,इसे कभी न
बिकने का सामान बनाएं।
आओ हिंदुस्तान बनाएं
अपना हिंदुस्तान सजाएं।
कांटो की संगत में रहकर
केवल शूल चुने जायेंगें।
जैसे चुनने वाले होंगें
वैसे फूल चुने जाएंगे।
पांच बरस में एक बार बस
कर्तव्यों का पालन करना।
निज हित स्वार्थ त्यागकर सारे
सच्चे जनसेवक को चुनना।।
लोकतंत्र का लक्ष्य यही है
इसको सफल महान बनाएं।
आओ हिन्दुस्तान बनाएं।
अपना हिंदुस्तान सजाएं।।
