टीचर्स सेल्फ केयर टीम ने रचा मिसाल, कानपुर नगर के दो दिवंगत शिक्षकों के परिवारों को मिली एक करोड़ की सहायता

 

बिल्हौर, 29 जनवरी (कानपुर नगर)।

टीचर्स सेल्फ केयर टीम (टीएससीटी) ने एक बार फिर मानवीय संवेदना और सामूहिक सहयोग की अद्भुत मिसाल पेश की है। संगठन द्वारा इस माह उत्तर प्रदेश के 20 दिवंगत शिक्षकों के परिवारों को कुल 10 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई, जिसमें कानपुर नगर के दो दिवंगत शिक्षकों के परिवारों को एक करोड़ रुपये की सहायता शामिल है।टीएससीटी के जिला संयोजक सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि आवास विकास-3 निवासी, प्राथमिक विद्यालय तिलकनगर द्वितीय प्रेम नगर में कार्यरत रहे स्वर्गीय संजय कुमार तथा कल्याणपुर निवासी, प्राथमिक विद्यालय इनायतपुर (जनपद कन्नौज) में कार्यरत रहीं स्वर्गीय नीतू सिंह पाल संगठन की सक्रिय सदस्य थीं। दोनों के निधन के बाद मात्र 11 दिनों के भीतर उनके नामितों को एक-एक करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान कर दी गई। इस पुनीत कार्य में कानपुर नगर के 4050 सदस्यों ने योगदान दिया।उन्होंने बताया कि टीचर्स सेल्फ केयर टीम में बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा, डायट में कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाएं, लिपिक, अनुचर, शिक्षामित्र, अनुदेशक एवं खंड शिक्षा अधिकारी सहित विभिन्न संवर्गों के कर्मचारी सदस्य हैं। संगठन न केवल आकस्मिक निधन की स्थिति में, बल्कि गंभीर बीमारी के इलाज और बेटियों के विवाह में भी सदस्यों को सहयोग प्रदान करता है।कानपुर मंडल संयोजक जितेंद्र यादव ने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश भर के 3 लाख 20 हजार 800 से अधिक सदस्यों ने मात्र 15 रुपये 50 पैसे का ऑनलाइन योगदान कर 20 दिवंगत सदस्यों के नामितों के खातों में कुल 10 करोड़ रुपये की सहायता पहुंचाई। किसी भी सदस्य के निधन की सूचना संगठन के संस्थापक/अध्यक्ष विवेकानंद आर्य, महामंत्री सुधेश पाण्डेय एवं कोषाध्यक्ष संजीव रजक को दी जाती है, जिसके बाद जिला व प्रदेश टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई की जाती है।जिला मीडिया प्रभारी अनूप कुमार यादव ने बताया कि अब तक टीचर्स सेल्फ केयर टीम द्वारा उत्तर प्रदेश में 396 दिवंगत शिक्षकों के परिवारों को लगभग 217 करोड़ 40 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। प्रत्येक माह 20 दिवंगत सदस्यों के नामितों को सहयोग दिया जा रहा है। इससे पूर्व भी कानपुर नगर के विभिन्न विकास खंडों के कई शिक्षकों के परिवारों को 50-50 लाख रुपये से अधिक की सहायता दी जा चुकी है।टीचर्स सेल्फ केयर टीम आज न केवल एक संगठन, बल्कि शिक्षकों के लिए भरोसे और संबल का मजबूत आधार बन चुकी है।

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