यूजीसी के नए नियमों में संशोधन करने व देश ,प्रदेश में सवर्ण आयोग के गठन करने की मांग के सम्बन्ध में व भविष्य की रणनीति को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर सवर्णों के संगठन का गठन करने के लिए किदवई नगर के एक हॉल में एक संवाद व पंचायत में तय हुआ कि यूजीसी के नए नियमों में तीन प्रमुख बदलाव किए जाएँ, इन बदलावों का ज्ञापन केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री को भेजा जाएगा।
इस संवाद व पंचायत में दिल्ली, लखनऊ व अन्य महानगरों से सवर्ण समाज से जुड़े कई संगठन के लोग शामिल हुए
राष्ट्रीय अध्यक्ष कानपुर से ज्ञानेश मिश्र, राष्ट्रीय वरिष्ठ महामंत्री दिल्ली से संतोष अवस्थी, राष्ट्रीय महामंत्री लखनऊ से कुलदीप तिवारी व कानपुर से संजय सिंह भदौरिया,
राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष बुन्देलखण्ड से बनवारी लाल गुप्ता व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बरेली से अनिल अग्रवाल और राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष कानपुर से मनीष गुप्ता सलोने बनाए गए प्रदेश व जिला कमेटियां भी बनाई जाएँगी
आज सवर्ण स्वाभिमान समिति के बैनर तले यूजीसी के नए नियमों में संशोधन करने व देश ,प्रदेश में सवर्ण आयोग के गठन करने की मांग के सम्बन्ध में व भविष्य की रणनीति को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर सवर्णों के संगठन का गठन करने के लिए किदवई नगर के एक पंचवटी हॉल में एक संवाद व पंचायत में तय हुआ कि यूजीसी के नए नियमों में तीन प्रमुख बदलाव किए जाएँ, इन बदलावों का ज्ञापन केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री को भेजा जाएगा।
इस संवाद व पंचायत में दिल्ली, लखनऊ व अन्य महानगरों से सवर्ण समाज से जुड़े कई संगठन के लोग शामिल हुए |
इस आयोजन में सर्वसम्मति से कानपुर से ज्ञानेश मिश्र राष्ट्रीय अध्यक्ष ,दिल्ली से अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के राष्ट्रीय संयोजक संतोष अवस्थी को राष्ट्रीय वरिष्ठ महामंत्री , लखनऊ से कुलदीप तिवारी व कानपुर से संजय सिंह भदौरिया राष्ट्रीय महामंत्री,राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष बुन्देलखण्ड से बनवारी लाल गुप्ता व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बरेली से अनिल अग्रवाल और राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष कानपुर से मनीष गुप्ता सलोने मनोनीत किए गए |
इस संवाद व पंचायत में
मनोनीत किये गये सवर्ण स्वाभिमान समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र ने कहा कि आजादी की लड़ाई से लेकर देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर ले जाने का कार्य सवर्ण समाज के लोगों ने किया है और वर्ष 2026 में दुनिया कितनी आगे बढ़ रही है और ऐसे में हम भारत के लोगों को अभी भी वर्ण व जाति में बांटा जा रहा है हम बंटना नहीं चाहते हैं और न बंटेंगे लेकिन
यूजीसी के नए नियमों ने हमें बदलाव होना चाहिए इसके लिए अब भविष्य को ध्यान में रखते हुए सवर्ण समाज को एक होना होगा।
हमने इसी बैनर के तले वर्ष 2015 व 2016 में कानपुर ,लखनऊ व दिल्ली तक सवर्णों को आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की मांग को लेकर आंदोलन किया था|
आगे कहा कि यूजीसी के नए नियमों में सामान्य वर्ग अर्थात सवर्ण समाज को स्व अपराधी घोषित कर कर दिया गया है, शिकायत करने का अधिकार सभी वर्ग को होना चाहिए |
यह भी कहा कि यूजीसी के वर्ष 2026 को बने व 13 जनवरी से लागू हुए नए नियमों में समता कमेटी में सवर्ण समाज को नहीं रखा गया है इस समता कमेटी में घोषित रूप से कम से कम दो सवर्ण समाज के व्यक्तियों को रखा जाना चाहिए और किसी भी वर्ण व जाति के समाज के छात्र की शिकायत पर कार्यवाही होनी चाहिए और झूठी शिकायत करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए|
लखनऊ से आए नव मनोनीत राष्ट्रीय महामंत्री कुलदीप तिवारी ने कहा कि हम किसी भी समाज के खिलाफ नहीं हैं लेकिन आज की परिस्थितियों में हम सबको एकजुट होना पड़ेगा और आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन भी करना होगा|
नव मनोनीत राष्ट्रीय महामंत्री संजय सिंह भदौरिया ने कहा कि हम सब अब आपस में एक हो जाए क्योंकि ये वक्त की जरूरत है और आवश्यकता पड़ने पर सड़क पर उतरेंगे।
इस संवाद व पंचायत में वैश्य एकता परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष अखिलेश गुप्ता को कानपुर जिला अध्यक्ष व लखनऊ जिलाध्यक्ष शोभित सिंह भदौरिया को मनोनीत किया गया |
इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अशोक शुक्ला , कमल त्रिपाठी,केके गुप्ता , नितिन अग्निहोत्री , जितेंद्र सिंह, अरविंद गुप्ता, शरद गुप्ता,सुयश त्रिवेदी ,पवन गौड़ ,सुशील तोमर, देवराज जोशी,अनुज त्रिपाठी,विनय तिवारी, प्रखर श्रीवास्तव, सत्यम मिश्र,हर्ष कोहली,राकेश सिंह, महेंद्र सिंह ,दिलीप तिवारी विवेक राय ,ओम जी शुक्ला आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे|
