कानपुर मे बीजेपी के पांच पार्षदों ने जमीन कब्जाने और अवैध चट्टा संचालन को लेकर पुलिस कमिश्नर से औपचारिक शिकायत की है। पार्षदों का आरोप है कि ग्वालटोली इलाके में, पुलिस कमिश्नर आवास के पीछे बड़ी मात्रा में बीआईसी की जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है। इस मामले में पार्षदों ने ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
कानपुर में भू-माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर बीजेपी के पांच पार्षद—पवन गुप्ता, विकास जायसवाल, लक्ष्मी कोरी, आलोक पांडे और हरि स्वरूप तिवारी पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। पार्षदों ने पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि ग्वालटोली क्षेत्र में, पुलिस कमिश्नर आवास के पीछे बीआईसी की बहुमूल्य जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है और वहां अवैध रूप से चट्टा भी संचालित किया जा रहा है। पार्षदों का कहना है कि जब प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दे रहे हैं और कानपुर पुलिस भी कई मामलों में कार्रवाई कर चुकी है, तो फिर पुलिस आवास के पीछे की जमीन पर कब्जा कैसे नजरअंदाज हो गया। उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की गहन जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए और अवैध कब्जा हटाया जाए।
बाइट: विकास जायसवाल, पार्षद
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी साफ़ निर्देश दे चुके हैं कि भू-माफियाओं को बख्शा नहीं जाएगा। फिर पुलिस कमिश्नर आवास के पीछे बीआईसी की जमीन पर इतना बड़ा कब्जा कैसे हो गया, ये सवाल खड़े करता है। हम चाहते हैं कि निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
कानपुर पुलिस लगातार भू-माफियाओं पर कार्रवाई कर रही है, लेकिन इस जमीन पर कब्जा अब तक क्यों नहीं हटा?
हमने पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन देकर मांग की है कि तुरंत मुकदमा दर्ज हो और अवैध चट्टा संचालन बंद कराया जाए।
