*सीएम-ग्रिड कार्यों में मैनपावर की कमी पर कंस्ट्रक्शन एजेंसी के विरुद्ध कार्यवाही करने के निर्देश*

*चरणबद्ध निर्माण, मैनपावर बढ़ाने व मल्टीपल टीम लगाने के निर्देश*

*कार्यों की नियमित डीपीआर के अनुसार समीक्षा की जाए*

मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम (सीएम-ग्रिड) के अंतर्गत जनपद में कुल 13 परियोजनाएँ संचालित/प्रस्तावित हैं, जिन्हें तीन फेज में विभाजित किया गया है।
प्रथम फेज में 05 परियोजनाएँ (लंबाई 16.66 किमी, लागत लगभग ₹150 करोड़),
द्वितीय फेज में 05 परियोजनाएँ (लंबाई 10.55 किमी, लागत लगभग ₹170 करोड़) तथा
तृतीय फेज में 03 परियोजनाएँ शामिल हैं, जिनका कार्य अभी प्रारंभ नहीं हुआ है।

मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम (सीएम-ग्रिड) के अंतर्गत आज स्वरूप नगर तितली चौराहा स्थित परियोजना का स्थलीय निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी श्री जितेन्द्र प्रताप सिंह ने कार्य की प्रगति अत्यंत धीमी पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की।
जनपद में तीन फेस में सीएम ग्रिड के अंतर्गत परियोजनाएं संचालित है, जिसमें
प्रथम फेस में 05 परियोजनाएँ जिसकी (लंबाई 16.66 किमी, लागत लगभग ₹150 करोड़), की है जो कि तितली चौराहे से प्रारंभ हुई है ।

निरीक्षण के दौरान उक्त प्रथम फेस का कार्य जो जून 2025 में प्रारंभ हुआ, जिसे 25 नवम्बर 2026 तक पूर्ण किया जाना है, किंतु मौके पर कार्य संतोषजनक गति से नहीं चलता पाया गया ।
जिसके दृष्टिगत जिलाधिकारी ने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि परियोजना की नियमित समीक्षा करते हुए समुचित कार्य-योजना (प्लानिंग) के अनुसार
सुनिश्चित कराए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि संबंधित कंस्ट्रक्शन एजेंसी द्वारा पर्याप्त मैनपावर नहीं लगाया जा रहा है , जिसके कारण कार्य प्रभावित हो रहा है। इस पर उन्होंने कार्यदायी संस्था के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि निर्माण कार्य डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) के अनुरूप किया जाए।
डीपीआर में निर्धारित टाइमलाइन की तुलना में अब तक किया गया कार्य कम पाए जाने पर उन्होंने नगर निगम के मुख्य अभियंता को निर्देश दिए कि डीपीआर के अनुसार अब तक कराए गए कार्य तथा शेष कार्यों की फेज-वाइज प्रगति का विस्तृत चार्ट प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि सीएम-ग्रिड की सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिया कि कार्यस्थल पर तत्काल मैनपावर बढ़ाई जाए तथा समयबद्ध प्रगति के लिए एचडीपी, एफसी एवं फिनिशिंग कार्यों हेतु अलग-अलग मल्टीपल टीमों की तैनाती सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि परियोजना के अंतर्गत जिस क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है, उसे साथ-साथ व्यवस्थित एवं कवर करते हुए आगे बढ़ा जाए, ताकि पूरे शहर में एक साथ खुदाई न हो और आमजन को यातायात संबंधी असुविधा से बचाया जा सके। कार्यों को चरणबद्ध तरीके से संचालित करने पर विशेष जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने बताया कि नगर आयुक्त द्वारा भी परियोजना की समीक्षा की जा चुकी है तथा मैनपावर की कमी को दूर करने हेतु नगर निगम स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने परियोजना में पाई गई प्लानिंग एवं समन्वय की कमी पर संबंधित विभागों के साथ स्वयं समीक्षा किए जाने की बात कही।
अंत में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि परियोजना की दैनिक स्तर पर निगरानी एवं सुपरविजन सुनिश्चित किया जाए, ताकि निर्माण की गुणवत्ता बनी रहे और परियोजना समय से पूर्ण होकर आमजन को बेहतर सड़क एवं यातायात सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

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