कानपुर श्री शनि साई मंदिर गांधी नगर गणेश पार्क में आयोजित 26वे वार्षिकोत्सव के छठे दिवस रविवार को 58 बटुकों का यज्ञोपवीत संस्कार विधि-विधान से संपन्न हुआ। यज्ञ वेदी के चारों तरफ बैठे बटुकों ने यज्ञोपवीत के नियम पालन करने का वचन लिया। आचार्य कृपा शंकर शुक्ला जी ने बताया कि वैदिक धर्म में यज्ञोपवीत एकादश संस्कार है। इस संस्कार में बटुक को गायत्री मंत्र की दीक्षा दी जाती है और यज्ञोपवीत धारण कराया जाता है। गायत्री मंत्र की दीक्षा देने के बाद बटुकों ने भिक्षा लेकर गुरु को अर्पण की। इसके बाद आचायों ने उनके कानों में गुरु मंत्र दिया। शाम को श्रीमद्भागवत कथा सुनाते हुए कथा व्यास दीपक कृष्ण जी महाराज जी द्वारा महारास लीला, कंस वध व रुक्मणी विवाह का वर्णन करते हुए बताया कि आस्था और विश्वास के साथ भागवत प्राप्ति आवश्यक है। भागवत प्राप्ति के लिए निश्चय और परिश्रम भी जरूरी है। इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक महेंद्र नाथ शुक्ला , राजेंद्र नाथ शुक्ला, श्रीश शुक्ला,आचार्य गंगा शरण दीक्षित, आचार्य विनोद अग्निहोत्री,अमित तिवारी, अंकित मिश्रा, अंशु शुक्ला,राहुल दुबे आदि उपस्थित रहे।

श्रीश शुक्ला

मीडिया प्रमुख

8953679092

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *