दो दशकों से लंबित सीजनल संग्रह अमीनों के विनियमितिकरण पर फैसला शून्य

 

कानपुर। जनपद में कार्यरत सीजनल संग्रह अमीनों के विनियमितिकरण का मामला पिछले लगभग दो दशकों से केवल आदेशों, पत्राचार और फाइलों तक सीमित होकर रह गया है। अमीनों द्वारा प्रार्थना पत्र दिए गए, परीक्षण आख्या बनी, शासन को संदर्भ भेजे गए, लेकिन अंतिम निर्णय आज तक नहीं हो सका।

24 मई 2022 को सीजनल संग्रह अमीनों ने जिलाधिकारी कानपुर नगर को प्रार्थना पत्र दिया गया था। जिसे जिलाधिकारी ने एडीएम (वित्त एवं राजस्व) तथा अपर नगर मजिस्ट्रेट (एसीएम पंचम) को परीक्षण हेतु अग्रसारित किया था । इसके बावजूद उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

फिर 8 जनवरी 2025 से पूर्व जिलाधिकारी द्वारा शासन से मार्गदर्शन मांगा गया था । जिसकी प्रति जारी हुई, पर यह भी केवल कागजी प्रक्रिया बनकर रह गई।13 मई 2025 को आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश द्वारा समस्त जिलाधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए नियुक्त के सम्बन्ध में , फिर भी कानपुर नगर में सीजनल संग्रह अमीनों का विनियमितिकरण आज तक नहीं हो सका।

नौ महीने बीत चुके हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। —ऐसे में इन कर्मचारियों का भविष्य खराब होने की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा? इन सारी बातों की पड़ताल जारी है। इस खेल में कई लोगों के उपर गाज गिरनें की सम्भावना है। क्योंकि इस में नीचे से ऊपर तक कई खाई दिखाईं दे रहे हैं।अमीनों का कहना है कि अधिकारी शासन के आदेश नहीं मानते, तो फिर अपना ट्रांसफर और प्रमोशन किस आधार पर मानते हैं?

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