*कानपुर*

*ईसाई समाज के खिलाफ हिंसा और नफरती बयानों पर विरोध*

*क्रिश्चियन यूनिटी ऑक्टेव कमेटी ने डीएम को सौंपा ज्ञापन*

*हाईकोर्ट के फैसले का हवाला, सुरक्षा की मांग*

*हिंसा रोकें, संविधान के तहत सुरक्षा दें*

*एंकर:—कानपुर में ईसाई समाज के खिलाफ बढ़ती हिंसा और नफरती बयानों को लेकर क्रिश्चियन यूनिटी ऑक्टेव–2026 की आयोजन समिति ने जिला अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है,,,,समिति ने केंद्र और प्रदेश सरकार से हस्तक्षेप कर समाज की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है,,,,साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार की रक्षा की अपील की गई है,,,,क्रिश्चियन यूनिटी ऑक्टेव कमेटी ने उम्मीद जताई है,,,,कि प्रशासन उनके ज्ञापन पर गंभीरता से विचार करेगा और समाज में शांति व सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल देखना होगा कि प्रशासन इस मांग पर क्या कार्रवाई करता है,,,,हम सिर्फ इतना चाहते हैं,,,,कि संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों की रक्षा हो। देश में सभी धर्मों को बराबर सम्मान और सुरक्षा मिलनी चाहिए। हाल के दिनों में जो घटनाएं सामने आई हैं,,,,वे बेहद दुखद हैं,,,,प्रशासन से हमारी मांग है,,,,कि नफरती बयानबाजी और हिंसा पर सख्ती से रोक लगाई जाए*।

*वीओ:—कानपुर के मेगा मॉल स्थित कैंप कार्यालय से जुड़े क्रिश्चियन यूनिटी ऑक्टेव–2026 के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है,,,,कि हाल के दिनों में देशभर में ईसाई समाज के खिलाफ हिंसक घटनाएं और भड़काऊ बयानबाजी बढ़ी है,,,,जिससे समाज में भय और असुरक्षा का माहौल बन रहा है,,,,समिति का कहना है,,,,कि दिसंबर माह में पवित्र पर्व क्रिसमस के दौरान भी कई स्थानों पर तनाव की स्थिति बनी रही, जो बेहद चिंताजनक है,,,,18 से 26 जनवरी तक विश्वव्यापी मसीही एकता सप्ताह मनाया गया, जिसमें कानपुर के विभिन्न गिरजाघरों में शांति, सौहार्द और एकता के लिए विशेष प्रार्थनाएं आयोजित की गईं। अंतिम दिन बड़ी संख्या में लोगों ने ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर प्रशासन से अपील की कि हिंसा और नफरत फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ज्ञापन में केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की गई है,,,,कि समाज में शांति व्यवस्था बनाए रखने और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं समिति ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के हालिया फैसलों का भी जिक्र किया, जिसमें कहा गया है,,,,कि प्रार्थना करना और बाइबिल का पाठ करना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है,,,,साथ ही झूठी एफआईआर दर्ज कराने वालों पर कार्रवाई की भी बात कही गई है,,,,ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि ईसाई समाज देश की सेवा में हमेशा अग्रणी रहा है,,,,चाहे वह शिक्षा और स्वास्थ्य का क्षेत्र हो या फिर सेना में योगदान। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मिजोरम के कैप्टन साइलो को कीर्ति चक्र से नवाजा गया, वहीं लेफ्टिनेंट जनरल माइकल फर्नांडिस और लेफ्टिनेंट जनरल इवान डी’कुन्हा को परम विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया*।

 

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