अंत्योदय और एकात्म मानववाद के प्रणेता थे पं दीनदयाल उपाध्याय जी की पुण्यतिथि को समर्पण दिवस के रूप में मनाया गया
कानपुर भाजपा उत्तर जिले द्वारा भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि समर्पण दिवस के रूप में मनाई गई। पार्टी कार्यकर्ताओं ने पं दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर माल्यार्पण कर उनको श्रद्धांजलि अर्पित की। जनप्रतिनिधियों एवं प्रदेश, क्षेत्र, जिला, मण्डल पदाधिकारियों, शक्तिकेंद्र और बूथ कार्यकर्ताओं ने सहित सभी कार्यक्रम में शामिल होकर पार्टी के लिए तन-मन के समर्पण के संकल्प के साथ समर्पण राशि भी समर्पित की। सेठ मोतीलाल खेड़िया स्कूल विष्णुपुरी में भाजपा कानपुर उत्तर द्वारा आयोजित संगोष्ठी में कार्यकर्ताओं को पं दीनदयाल के जीवन परिचय के बारे में विस्तार से बताया गया।
मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री श्री शिव प्रकाश जी ,विशिष्ट अतिथि भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष देवेश कोरी,जिला अध्यक्ष अनिल दीक्षित, महापौर प्रमिला पांडे,सुरेश अवस्थी पूर्व जिला अध्यक्ष सुनील बजाज ने दीप प्रज्ज्वलित कर संगोष्ठी का शुभारंभ किया। सभी ने पं दीनदयाल उपाध्याय के चित्र के सम्मुख पुष्पांजलि कर उनको श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्य अतिथि भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिव प्रकाश जी ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि 25 सितंबर 1916 को जन्मे पं दीनदयाल उपाध्याय आधुनिक भारत के अंत्योदय और एकात्म मानववाद के प्रणेता थे। पं दीनदयाल देश की एकता और अखंडता के लिए सदैव समर्पित रहे हैं। उनका मानना था कि राष्ट्र की निर्धनता और अशिक्षा को दूर किए बिना वास्तविक उन्नति संभव नहीं है।
पंडित जी कहते थे कि भारतीयता, धर्म, धर्मराज्य, राष्ट्रवादी और अंत्योदय की अवधारणा से ही भारत को विश्व गुरु का स्थान हासिल हो सकता है। सभी के लिए शिक्षा और हर हाथ को काम, हर खेत को पानी के उनके दृष्टिकोण ने ही एक लोकतांत्रिक आर्थिक व्यवस्था में आत्मनिर्भर होने का मार्ग प्रशस्त किया है। दीन दयाल जी एक ऐसी व्यवस्था के विरोधी थे जो रोजगार के अवसर को कम करती है लेकिन सामाजिक समानता, पूंजी और सत्ता के विकेंद्रीकरण के पक्षधर थे। स्वतंत्रता, समानता और न्याय की गारंटी देने वाली भारतीय
संस्कृति पर उनका विचार बिल्कुल स्पष्ट था।
विशिष्ट अतिथि भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष देवेश कोरी ने कहाभारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ने सुशासन के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में व ग्रामीणों का जीवन स्तर ऊंचा उठाने में दीन दयाल उपाध्याय जी के पदचिन्हों का अनुसरण किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी मार्गदर्शन में देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ‘‘लोकल से वोकल’’ का सपना देखना वास्तव में हमारे लिए खुशी की बात है। पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार दीन दयाल उपाध्याय के आदर्शों पर चल रही है।
जिला अध्यक्ष अनिल दीक्षित ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि निर्धन और अशिक्षित लोगों की उन्नति के लिए अंत्योदय की कल्पना का सुझाव उन्होंने दिया था। उनका कहना था अनपढ़ और गरीब लोग हमारे लिए नारायण हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंडित दीनदयाल की अंत्योदय को जन जन तक पहुंचाने का काम किया है।।
संचालन कार्यक्रम संयोजक महामंत्री जितेंद्र विश्वकर्मा राजू ने किया।
गोष्ठी में प्रमुख रूप से अवधेश सोनकर भाजपा जिला मीडिया प्रभारी अनुराग शर्मा अभिनव दीक्षित युवा मोर्चा अध्यक्ष शिवांग मिश्रा प्रमोद विश्वकर्मा सीमा एमबीए,आनंद मिश्रा सत्यम गुप्ता,सरदार रमिंदर सिंह रिंकू ,रोहित साहू सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
