*कल्याणपुर ब्लॉक में डीएम औचक निरीक्षण, एनआरएलएम कार्यों में लापरवाही पर डीसी एनआरएलएम व डीएमएम को नोटिस*
कानपुर नगर।
कल्याणपुर विकास खंड में बुधवार को हुए औचक निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े कार्यों में गंभीर शिथिलता पर कड़ा रुख अपनाया। स्वयं सहायता समूहों और बीसी सखी व्यवस्था की समीक्षा में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर जिलाधिकारी ने डीसी एनआरएलएम तथा डिस्ट्रिक्ट मिशन मैनेजर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण की शुरुआत विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत संचालित सुनवाई प्रक्रिया से हुई। एईआरओ प्रिया गौतम सुनवाई करती हुई मिलीं। जिलाधिकारी ने लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी से जुड़े मामलों की जानकारी ली और निर्देश दिया कि जो व्यक्ति प्रथम सुनवाई में उपस्थित नहीं हो पाए हैं, उन्हें नियमानुसार पुनः अवसर दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रकरण का परीक्षण तथ्यों के आधार पर किया जाए और किसी पात्र मतदाता का नाम अनावश्यक रूप से प्रभावित न हो।
इसके बाद समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित निराश्रित महिला पेंशन योजना की समीक्षा की गई। सोमवती के 27 अगस्त 2025 के आवेदन की वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए। साथ ही पांच आवेदनों को यादृच्छिक रूप से चयनित कर उनकी प्राप्ति तिथि, प्रक्रिया की प्रगति और भुगतान की स्थिति की जांच कर आख्या प्रस्तुत करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पेंशन योजनाओं में देरी या अस्पष्टता स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
ब्लॉक परिसर स्थित एनआरएलएम कार्यालय में समूह गठन, बैंक लिंकेज और आजीविका गतिविधियों की समीक्षा के दौरान आशा महिला उत्पादन समूह के 14 अक्तूबर 2025 के आवेदन पर बैंक खाता खुलने के बाद की कार्यवाही स्पष्ट नहीं की जा सकी। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित डिस्ट्रिक्ट मिशन मैनेजर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। खंड विकास अधिकारी को समूहों की वास्तविक प्रगति, बैंक संबद्धता, ऋण सुविधा और आय सृजन गतिविधियों की बिंदुवार जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।
महिला स्वयं सहायता समूहों की नियमित समीक्षा और बीसी सखी व्यवस्था की मॉनिटरिंग में भी अपेक्षित गंभीरता न पाए जाने पर डीसी एनआरएलएम के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि बीसी सखी तंत्र ग्रामीण महिलाओं को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है, इसमें किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान खंड विकास अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने सभी बिंदुओं पर निर्धारित समय में तथ्यात्मक और स्पष्ट आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
