*प्रवासी श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई अब नहीं रुकेगी, ईंट-भट्ठों पर सुविधाएं सुनिश्चित होंगी*
*‘शारदा’ योजना से स्कूलों से जोड़े जाएंगे आउट ऑफ स्कूल बच्चे*
कानपुर नगर।
कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ईंट-भट्ठों पर कार्यरत प्रवासी श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं को लेकर ठोस निर्णय लिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में इन बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं होने दी जाएगी।
बैठक में बताया गया कि अधिकांश श्रमिक उड़ीसा सहित अन्य राज्यों से नवंबर-दिसंबर में जनपद आते हैं और कुछ माह कार्य करने के बाद वापस लौट जाते हैं। इस कारण उनके बच्चों की शिक्षा निरंतर नहीं रह पाती। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि ऐसे सभी बच्चों का चिन्हीकरण कर उन्हें शारदा योजना (स्कूल हर दिन आए) के अंतर्गत विद्यालयों से जोड़ा जाए। नामांकन से पूर्व बच्चों को ब्रिज कोर्स कराया जाएगा और तत्पश्चात आयु-संगत कक्षा में प्रवेश दिया जाएगा।
प्रवासन की स्थिति में बच्चों को टीसी, अंकपत्र एवं अन्य आवश्यक अभिलेख समय से उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे वे अपने गृह जनपद में आगे की पढ़ाई जारी रख सकें। जिलाधिकारी ने बीएसए को निर्देशित किया कि सभी चिन्हित बच्चों का निकटवर्ती परिषदीय विद्यालय में नामांकन सुनिश्चित किया जाए तथा उनका आधार पंजीकरण भी कराया जाए।
जिलाधिकारी ने ईंट-भट्ठा स्थलों पर श्रमिकों और उनके बच्चों के लिए क्रेच, खेल क्षेत्र, स्वच्छ पेयजल एवं शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों से किसी भी दशा में श्रम न कराया जाए और श्रम कानूनों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
सहायक श्रम आयुक्त राम लखन पटेल ने बताया कि बिल्ड एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर (बीओसीडब्ल्यू) के अंतर्गत जनपद में 10,032 श्रमिक पंजीकृत हैं। उन्होंने भट्ठा मालिकों से सभी श्रमिकों का अनिवार्य पंजीकरण कराने का आग्रह किया, जिससे उन्हें शासकीय योजनाओं का लाभ मिल सके।
बैठक में ईंट-भट्ठा एसोसिएशन के गोपी श्रीवास्तव, सुभाष महाना, राकेश वर्मा, जागृति बाल विकास समिति की विजया रामचंद्रन तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
