गरीब बेटियों की शादी करने वालो को हज का सवाब

 

 

 

कानपुर 21 फरवरी शहज़ादी ए रसूल, ज़ौजा ए हज़रत ए मौला अली, वालिदा ए हसनैन, खातून ए जन्नत हज़रते सैय्यदना माँ फातिमा ज़हरा रजिo अनo के यौम ए विसाल पर खानकाहे हुसैनी हज़रत ख्वाजा सैय्यद दाता हसन सालार शाह (रहमतुल्लाह अलैह) की दरगाह पर यौम ए विसाल मनाकर खिराज ए अकीदत पेश की गयी।हज़रत ख्वाजा सैय्यद दाता हसन सालार शाह (रह० अलै०) की मज़ार पर गुलपोशी इत्र केवड़ा संदल पेश किया गया उसके बाद शोरा ए कराम ने नात मनकबत पेश की जिसमें बुलंदियों से भी बुलंद मुकाम ज़हरा का, अकीदतो के हर एक वर्ख पे दरुद लिखना सलाम लिखना झुका के सर को दरुद पढकर जनाबे ज़हरा का नाम लिखना, पिया जिसने ज़हर का प्याला वो बेटा फातिमा का है जिसने शहादत दी कर्बला में वो बेटा फातिमा का है, जो है बगदाद में सोया वो बेटा फातिमा का है, जो लाया हिंद में इस्लाम वो बेटा फातिमा का है। नबी के घर की है ये इज़्ज़त नबी से सुनते है, अली के घर की है ये इज़्ज़त अली से सुनते है, वो जिसने मुअज्ज़ज़ किया घराने को, हुसैन पाल के जिसने दिया ज़माने को। फातिमा ज़हरा के विसाल पर खिराज ए अकीदत पेश करते हुए उलेमा ए दीन ने कहा कि

पैगंबर इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफा ﷺ ने कहा ऐ फातिमा तुम पर मेरे माँ-बाप कुर्बान, ऐ फातिमा तुम मेरे जिगर का टुकड़ा हो। जन्नती औरतों की सरदार का 3 रमज़ान 11 हिजरी को मदीना में विसाल हुआ वो सब्र, और परदे का सर्वोच्च उदाहरण थीं, और उन्हें “ज़हरा” (तेजस्वी) और “बतूल” (पवित्र) उपाधियों से याद किया जाता है।खादिम खानकाहे हुसैनी इखलाक अहमद डेविड चिश्ती ने कहा खातून- बेटिया फातिमा ज़हरा के बताए हुए रास्ते पर चले, गरीबो, मज़लूमों की मदद करने व गरीब बेटियों की शादी कराने वालो को हज का सवाब मिलता है आप साहिबे हैसियत है तो ज़रुर मदद करे। सलातो सलाम पेशकर दुआ हुई दुआ में अल्लाह से अपने हबीब, मौला अली मुश्किल कुशा खातून ए जन्नत के सदके में भारत में खुशहाली तरक्की, बेटियों को इल्म दौलत से नवाज़े, वहशी हरकत करने वालों पर कुदरती कहर नाज़िल होने की दुआ हुई।नज़र व दुआ मे इखलाक अहमद डेविड चिश्ती, हाफिज़ मोहम्मद अरशद, मुनीर अहमद कादरी, अबरार अहमद, मोहम्मद हफीज़, परवेज़ आलम, मोहम्मद तौसीफ, हाफिज़ मोहम्मद कफील, मुबीन खान, हाफिज़ मुशीर अहमद, मोहम्मद फाज़िल चिश्ती, शारिक वारसी, मोहम्मद वसीम, फैज़ अजीज़ी, अयाज़ चिश्ती, सैय्यद मोहम्मद तलहा, सैय्यद शफाअत हुसैन, खादिम खानकाहे अफज़ाल अहमद आदि लोग मौजूद थे।

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