पेंशन सुरक्षा और कर्मचारी अधिकारों को लेकर भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ का राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन
कानपुर: भारतीय मजदूर संघ (BMS) और सरकारी कर्मचारी राष्ट्रीय परिसंघ (GENC) के आह्वान पर आज भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ द्वारा पूरे देश भर में अपनी न्यायोचित मांगों को लेकर एक विशाल लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस दौरान देशभर के संगठित एवं गैरसंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों ने अपनी एकजुटता दिखाते हुए इकाई प्रमुख के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित एक विस्तृत मांग-पत्र सौंपा।सरकारी कर्मचारी राष्ट्रीय परिसंघ के महासचिव मुकेश सिंह ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का यह आंदोलन केवल आर्थिक मांगों के लिए नहीं, बल्कि कर्मचारियों के सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए है।मांग-पत्र की प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं पुरानी पेंशन (OPS) की बहाली: एनपीएस (NPS) और यूपीएस (UPS) को तुरंत समाप्त कर परिभाषित लाभ वाली पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए। साथ ही ईपीएस-95 के तहत न्यूनतम पेंशन को ₹1,000 से बढ़ाकर ₹7,500 किया जाए।आउटसोर्सिंग पर रोक: सरकारी कार्यों के अंधाधुंध निजीकरण और आउटसोर्सिंग को तुरंत रोका जाए।भत्ता और चिकित्सा सुविधा: पेंशनभोगियों के लिए चिकित्सा भत्ता ₹1,000 से बढ़ाकर ₹5,000 किया जाए और CGHS के तहत कैशलेस चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार हो।महासचिव ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने इन गंभीर मुद्दों पर शीघ्र ही उच्च स्तरीय हस्तक्षेप कर बातचीत शुरू नहीं की, तो आने वाले समय में संगठन और अधिक उग्र एवं निर्णायक आंदोलन की घोषणा करने को मजबूर होगा।
