कानपुर नगर।दिनांक 27.02.2026 थाना चकेरी
लूट के मुकदमे में अभियुक्तों की पुलिस मुठभेड़ में हुई गिरफ्तारी एवं 10 लाख 73 हजार रुपये की बरामदगी
घटना का अनावरण करने वाली टीम को पुलिस आयुक्त महोदय द्वारा 01 लाख रुपये की धनराशि से पुरुस्कृत करने की घोषणा की गयी।
प्रकरण में प्रारंभिक स्तर पर वादी द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं कराई जा रही थी तथा इसे आपसी झगड़े का मामला बताया जा रहा था। तथापि पुलिस टीम को परिस्थितियों के आधार पर संदेह हुआ। प्राथमिक जानकारी एवं तथ्यों के विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ कि लगभग ₹8,00,000 की लूट की घटना हुई है, जबकि वादी रिपोर्ट दर्ज कराने से कतई इंकार कर रहा था।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम द्वारा संबंधित बैंक से संपर्क कर उस दिन के लेन-देन का विस्तृत विश्लेषण (ट्रांजैक्शन पैटर्न स्टडी) किया गया। जांच के दौरान ज्ञात हुआ कि संबंधित खाते से उस दिन लगभग ₹3,20,00,000 की भारी मात्रा में नकद निकासी की गई थी। आगे की पड़ताल में यह तथ्य सामने आया कि उक्त राशि का अधिकांश भाग पहले ही विभिन्न व्यक्तियों में बांट दिया गया था तथा केवल ₹25,00,000 की नकदी कैरियर द्वारा ले जाई जा रही थी, इस दौरान लूट की घटना कारित की गई।
तकनीकी साक्ष्यों एवं लोकेशन विश्लेषण से कुछ अभियुक्तों की गतिविधियां दिल्ली के जामा मस्जिद क्षेत्र, कश्मीर एवं नेपाल तक पाई गईं
जिससे इनके व्यापक मूवमेंट का संकेत मिला।
पुलिस टीम की सतत कार्रवाई के परिणामस्वरूप कुल 06 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें से 04 अभियुक्त मुठभेड़ के उपरांत पकड़े गए तथा 02 अन्य अभियुक्तों को भी गिरफ्तार किया गया। इनमें 02 अभियुक्त रेकी करने वाले थे, जो पिछले वर्ष अक्टूबर से इस घटना की योजना बना रहे थे तथा कई बार रिहर्सल भी कर चुके थे। पूर्व में एक असफल प्रयास के बाद इस बार इन्होंने ₹25,00,000 की लूट की घटना को अंजाम दिया।
पूछताछ में यह तथ्य भी प्रकाश में आया कि *मुख्य व्यक्ति महफूज* है, जिसके लिए ये अभियुक्त कार्य करते थे। प्रारंभिक जांच में उसके 14 बैंक खातों की जानकारी प्राप्त हुई। एक ही बैंक, आईडीबीआई बैंक, से लगभग सवा दो साल की अवधि में ₹850,00,00,000 (आठ सौ पचास करोड़ रुपये) का कैश रोल होना पाया गया। आगे की जांच में 12 विभिन्न बैंकों के 68 खातों से लगभग ₹1,600,00,00,000 (सोलह सौ करोड़ रुपये) की नकद निकासी का तथ्य सामने आया है। इन खातों में फतेहपुर, उन्नाव एवं कानपुर क्षेत्र से भारी मात्रा में धनराशि जमा की गई, जिसके बाद क्रमिक रूप से नकद निकासी की जाती रही।
मामले की गंभीरता को देखते हुए यह भी जांच की जा रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में नकद निकासी का उपयोग किसी अवैध अथवा राष्ट्रविरोधी गतिविधि में तो नहीं किया जा रहा था। अभियुक्तों से अब तक ₹10 लाख 73 हजार रुपये की नकदी बरामद की जा चुकी है।
जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि जिन दो व्यक्तियों के साथ घटना हुई थी, वे इस लूट की साजिश में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं थे, बल्कि कैरियर के रूप में कार्य कर रहे थे। रहमान एवं सुभान नामक अभियुक्त रेकी एवं सूचना संकलन का कार्य कर रहे थे।
उक्त प्रकरण में बैंक स्तर पर संभावित लापरवाही, कर चोरी एवं संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों के दृष्टिगत आयकर विभाग, जीएसटी विभाग, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) तथा भारतीय रिजर्व बैंक को भी सूचित किया जाएगा, ताकि वे अपने-अपने स्तर से विस्तृत जांच सुनिश्चित कर सकें।
प्रकरण की विवेचना प्रचलित है तथा अन्य संबंधित तथ्यों की गहन जांच की जा रही है।
