*कर्ण की मार्मिक गाथा और कवियों के ठहाकों से गूंजा बिठूर महोत्सव*
बिठूर महोत्सव का दूसरा दिन सांस्कृतिक विविधता और साहित्यिक गरिमा से परिपूर्ण रहा। सुबह ‘बैटल ऑफ बैंड्स’ और ‘कानपुर गॉट्स टैलेंट’ से शुरुआत हुई, जबकि शाम ढलते ही प्रांगण कर्ण की गाथा और कवि सम्मेलन की गूंज से जीवंत हो उठा। दिनभर चले कार्यक्रमों ने दर्शकों को बांधे रखा।
मंडलायुक्त के. विजयेंद्र पांडियन और पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। मंडलायुक्त ने कहा कि बिठूर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को ऐसे आयोजनों से नई पहचान मिल रही है। स्थानीय कलाकारों को मंच उपलब्ध होना सकारात्मक संकेत है।
श्रीराम कला केंद्र द्वारा महाभारत के अमर नायक कर्ण पर आधारित एक घण्टा दस मिनट के डिजिटल नाट्य प्रस्तुति ने दर्शकों को भावुक कर दिया। बिना संवादों के हाव-भाव, देह-भाषा, प्रकाश और संगीत के माध्यम से कर्ण के जीवन के विभिन्न प्रसंगों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। अभिनय और तकनीकी संयोजन को सराहना मिली। कर्ण के जन्म से मृत्यु तक की जीवंत तस्वीर उकेरी। कर्ण का किरदार टुल्लू मुर्मू तथा कुंती की भूमिका रितुपर्णा दास ने निभाई। सीडीओ दीक्षा जैन ने सभी कलाकारों को सम्मानित किया।
इसके बाद आयोजित कवि सम्मेलन में दिनेश बावरा, प्रताप फौजदार, शम्भु शिखर, स्वयं श्रीवास्तव, राव अजातशत्रु, मणिका दुबे, गौरव चौहान, हेमंत पाण्डेय, संदेश तिवारी और अजय अंजाम सहित 11 कवियों ने काव्य पाठ किया। हास्य और व्यंग्य से सजी प्रस्तुतियों पर श्रोताओं ने जमकर तालियां बजाईं। प्रसिद्ध कवयित्री मणिका दुबे ने सरस्वती वंदना से कवि सम्मेलन का प्रारंभ किया। कवि संदेश तिवारी ने कि कोई मौसम नहीं हूं मैं कि अगर जो गुजर जाऊं और जमाना भूल न पाए कोई ऐसा काम कर जाऊं ने जमकर तालियां बटोरी। कवि सम्मेलन के दौरान विधायक अभिजीत सिंह सांगा, एमएलसी अरुण पाठक, एसडीएम/ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अनुभव सिंह सहित दर्शकों का हुजूम मौजूद रहा।
इससे पहले दिन में आयोजित ‘बैटल ऑफ बैंड्स’ में तरंग बैंड, छत्रपति साहू जी महाराज विश्वविद्यालय की टीम, इंक्लिनेशंस बैंड, द हैंक्स, अनिकेत मेसी एंड टीम और रिदम ग्रुप ने प्रस्तुति दी। ‘कानपुर गॉट्स टैलेंट’ में गायन, नृत्य और कविता की प्रस्तुतियों ने युवाओं की प्रतिभा को मंच दिया।
चित्रकला प्रतियोगिता में रवि प्रताप सिंह प्रथम, अमरजीत द्वितीय और प्रेम सिंह तृतीय रहे। क्विज प्रतियोगिता में डॉ. वीरेन्द्र स्वरूप एजुकेशन सेंटर के अश्विन सिंह और सम्राट सिंह प्रथम, सर पदमपत सिंघानिया एजुकेशन सेंटर के मेहरजोत सिंह व अशोक दुबे द्वितीय तथा बीएनएसडी शिक्षा निकेतन के यश गौतम तृतीय स्थान पर रहे।
*तृतीय दिवस – 28 फ़रवरी 2026 (शनिवार)*
बिठूर महोत्सव के अंतिम दिन विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दिनभर कार्यक्रम आयोजित होंगे।
सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक छात्र-छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे।
इसके बाद दोपहर 3 बजे से 4 बजे तक शास्त्रीय नृत्य एवं संगीत की प्रस्तुति होगी।
शाम 4 बजे से 5:15 बजे तक सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज की ओर से पारंपरिक लोक प्रस्तुतियां होंगी, जिनमें पाई डंडा, पंजाबी गटका और ब्रज की प्रसिद्ध होली ‘चारकुला’ शामिल हैं।
शाम 5:15 बजे से 5:45 बजे तक पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित होगा, जिसमें मुख्य अतिथि प्रतिभागियों को सम्मानित करेंगे और अपना उद्बोधन देंगे।
शाम 6 बजे से 6:30 बजे तक पत्थर घाट, बिठूर में काशी रस वाद्यवृंद की जुगलबंदी प्रस्तुत की जाएगी। इसमें सरोद, सितार, सारंगी, बांसुरी, तबला और पखावज की संगत होगी।
शाम 6:30 बजे से 7 बजे तक पत्थर घाट पर गंगा आरती के साथ कार्यक्रम होगा।
इसके बाद रात 7:30 बजे से गोपाल मणि तिवारी का म्यूजिक कॉन्सर्ट आयोजित किया जाएगा।
