अजेय साहस की दास्तां,आशा मालवीय के प्रेरक उद्बोधन से गूंजा 37वी वाहिनी पीएसी
कानपुर 78वें भारतीय सेना दिवस (2026) के अवसर पर राष्ट्रीय स्तर की साइकिल यात्रा पर निकलीं सुश्री आशा मालवीय (एकल महिला साइकिलिस्ट), जिला राजगढ़, म०प्र० का 37वीं वाहिनी पीएसी, कानपुर नगर में आगमन हुआ। उक्त साइकिल यात्रा भारतीय पश्चिमी भूभाग से पूर्वी भूभाग तक लगभग 7800 किलोमीटर की दूरी को तय करने के उद्देश्य से प्रारम्भ की गई है, *जिसका मुख्य उद्देश्य नारी शक्ति, देशभक्ति एवं अदम्य साहस* का संदेश जन-जन तक पहुँचाना है।आशा मालवीय द्वारा कहा गया कि “*शिखर पर पहुंचना सिर्फ एक रिकॉर्ड बनाना नहीं है, बल्कि यह साबित करना है कि भारतीय नारी का सामर्थ्य अनंत है।इसके साथ ही उन्होंने कहा कि”अक्सर लोग मुझसे पूछते हैं कि एक महिला होकर अकेले इतने दुर्गम रास्तों और पहाड़ों का सफर तय करना क्या कठिन नहीं था? मैं उन्हें बस एक ही बात कहती हूँ— “पहाड़ की ऊँचाई पैरों से नहीं, बल्कि मजबूत इरादों से नापी जाती है। इसके साथ ही उन्होंने जवानों से बात की और उनके द्वारा पुछे गए सवालों का जवाब दिया।इस अवसर पर सेनानायक श्री बी०बी० चौरसिया (IPS) द्वारा सुश्री आशा मालवीय को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनके साहस, दृढ़ निश्चय एवं प्रेरणादायक प्रयासों की सराहना की गई। सेनानायक ने कहा कि इस प्रकार की यात्राएँ युवाओं, विशेषकर महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं तथा राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को सुदृढ़ करती हैं।वाहिनी परिवार की ओर से उनके सुरक्षित एवं सफल यात्रा की कामना की गई तथा उज्ज्वल भविष्य हेतु शुभकामनाएँ प्रदान की गईं।
इस अवसर पर शिविरपाल श्री चंद्रेश्वर, RTC प्रभारी श्री मनोज श्रीवास्तव सूबेदार सैन्य सहायक श्री सुरेंद्र सिंह सहित अन्य सभी अधिकारी,कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
