टीयूसीसी: श्रमिक अधिकारों की बुलंद आवाज़, कानपुर मंडल मे निर्वाचित हुए कानपुर नगर अध्यक्ष राकेश रावत

 

 

 

कानपुर। देश में श्रमिक संगठनों की सशक्त परंपरा के बीच टीयूसीसी एक प्रमुख केंद्रीय श्रमिक संगठन के रूप में अपनी अलग पहचान रखता है। श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय,भारत सरकार से मान्यता प्राप्त यह संगठन देशभर में कामगारों, कर्मचारियों और मेहनतकश वर्ग के अधिकारों की रक्षा को अपना मूल उद्देश्य मानता है। संगठन स्वयं को किसी राजनीतिक दल की शाखा नहीं,बल्कि एक स्वतंत्र श्रमिक मंच बताता है जो संघर्ष से पहले संवाद और टकराव से पहले समन्वय की नीति पर विश्वास करता है।

टीयूसीसी की विचारधारा राष्ट्रवादी एवं समाजोन्मुखी है, जो सुभाष चन्द्र बोस के आदर्शों से प्रेरणा लेने का दावा करती है। रेलवे, रक्षा,कोयला,निर्माण, स्वास्थ्य, परिवहन समेत विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में संगठन की सक्रिय भागीदारी रही है। श्रमिक नीतियों, सामाजिक सुरक्षा,न्यूनतम वेतन,सेवा शर्तों और रोजगार सुरक्षा जैसे मुद्दों पर संगठन ने समय-समय पर मुखर भूमिका निभाई है। कई प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हड़तालों पर भी टीयूसीसी ने स्पष्ट किया है कि वह अराजकता के बजाय वार्ता के माध्यम से स्थायी समाधान को प्राथमिकता देता है। तो वहीं अब इसी कड़ी में कानपुर मंडल में आयोजित जिला सम्मेलन की बैठक के दौरान नई बस्ती कर्रही,बर्रा कानपुर निवासी राकेश रावत पुत्र स्वर्गीय राम आसरे को टीयूसीसी का कानपुर मंडल के जिला अध्यक्ष कानपुर नगर निर्वाचित हुए । उनके चयन की घोषणा होते ही सभा स्थल तालियों से गूंज उठा। राकेश रावत ने अपने संबोधन में कहा कि यह दायित्व केवल एक पद नहीं, बल्कि श्रमिक समाज की अपेक्षाओं और विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ मजदूरों, कर्मचारियों और पीड़ित वर्ग के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्षरत रहेंगे।और शोषण करने वाले मानसिकता के लोक सेवकों के खिलाफ आवाज को बुलंद करेंगे।सम्मेलन में टी यू सी सी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष हंसराज अकेला व प्रगतिशील कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष शिवकंठ मान पांडेय मण्डल महामंत्री दिनेश सिंह भोले,उमेश द्विवेदी,पंकज दीक्षित,हरि कुशवाहा सहित अनेक पदाधिकारी और समाजसेवी उपस्थित रहे। नव-निर्वाचित अध्यक्ष का फूल-मालाओं से स्वागत कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में श्रमिक एकता,संगठन की मजबूती और अधिकारों की लड़ाई को तेज करने का आह्वान किया गया।कानपुर मंडल में टीयूसीसी की यह नई जिम्मेदारी आने वाले समय में श्रमिक आंदोलन को नई दिशा दे सकती है, श्रमिकों के लिए ऐसी उम्मीद संगठन के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जताई है।

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