*खानकाहे हुसैनी मे विलादते इमाम हसन पर जंग में फसें भारतीयों की वापसी की दुआ हुई।*

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कानपुर 05 मार्च पैगम्बर ए इस्लाम के नवासे शहज़ाद ए हज़रत अली इमाम हसन (रजि०अन०) की यौम ए विलादत पर जशन ए इमाम हसन अकीदत मोहब्बत के साथ खानकाहे हुसैनी हज़रत ख्वाजा सैय्यद दाता हसन सालार शाह की कर्नलगंज ऊँची सड़क स्थित दरगाह मे मनाया गया।

 

ज़ोहर की नमाज़ के बाद कुरानख्वानी का एहतिमाम किया गया उसके बाद शोरा ए कराम ने नात मनकबत पेश की जशन ए इमाम हसन का आगाज़ हाफिज़ मोहम्मद कफील हुसैन ने कुरान ए पाक की तिलावत के साथ किया उलेमा ए कराम ने हज़रत इमाम हसन की विलादत की मुबारकबाद देते हुए कहा कि हज़रत इमाम हसन की विलादत मदीना मुनव्वरा मे रमज़ानुल मुबारक महीने मे 15 रमज़ान 3 हिज़री मे हुई इमाम हसन जन्नत के नौजवानों के सरदार है इमाम हसन की सखावत पूरी दुनिया मे एक मिसाल है नौजवानों को उनके नक्शें कदम पर चलना चाहिए रमज़ानुल मुबारक माह मे कसरत से इबादत कर नेकियों में इज़ाफ़ा करे व अपने गुनाहों की माफी मांगे।

 

खादिम खानकाहे हुसैनी इखलाक अहमद डेविड चिश्ती ने कहा रसूल ए खुदा अपने नवासों हज़रत इमाम हसन और इमाम हुसैन से बहुत मोहब्बत करते थे हमे भी अहले बैत से मोहब्बत करने के साथ उनके बताए हुए रास्तों पर चलना चाहिए अहले बैत से मोहब्बत व उनका ज़िक्र करना भी इबादत है। रमज़ानुल मुबारक के रहमत के महीने मे इज़राईल अमेरिका ईरान में रोज़दारों नमाज़ियों व बच्चों पर बमों की बारिश कर रहा है और दुनियाभर के मुल्क खामोश है। ईरान में स्कूली बच्चों पर बमों की बारिश से 150 से भी ज़्यादा मासूमों की हत्या करने वाले इज़राईल पर बेशुमार लानत हो।उसके बाद सलातों सलाम हुआ फिर दुआ हुई।

 

दुआ में हाफिज़ मोहम्मद अरशद उवैशी ने अल्लाह की बारगाह मे रसूले खुदा, विलादते इमाम हसन के सदके रमज़ानुल मुबारक के पाक महीने की बरकत से नमाज़ की पाबंदी करने, ईरान-फिलीस्तीन पर ज़ुल्म करने वालों को तबाह और बर्बाद करने, जंग में गल्फ मुल्कों में फसें सभी भारतीयों की वापसी, जंग बंद होने, हमारे मुल्क सूबे शहर मे अमनों अमान कायम रहने, तरक्की खुशहाली देने, खातून ए इस्लाम के बच्चो बेटो-बेटियों के इल्म मे तवज्जों देने की दुआ की।

 

जशन मे इखलाक अहमद डेविड चिशती, हाफिज़ मोहम्मद अरशद उवैशी, जमालुद्दीन फारुकी, हाफिज़ मोहम्मद असद वाहिदी, मोहम्मद वसीम, परवेज़ आलम वारसी, मोहम्मद राहिल, नफीस बरकाती, हाफिज़ मोहम्मद गुफरान, शौकत अली, मोहम्मद मेहनाज़, मोहम्मद अज़हर, मोहम्मद मुज्जम्मिल फारुकी, एजाज़ अहमद, जियाउद्दीन फारुकी, मोहम्मद जैद खादिम खानकाहे हुसैनी अफज़ाल अहमद आदि लोग मौजूद थे।

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