कानपुर ब्रेकिंग

 

थाना बाबू पुरवा में राकेश अवस्थी व शमशाद अली पर दर्ज मुकदमे को लेकर राकेश अवस्थी ने मीडिया के सामने आकर अपना पक्ष रखा।

 

राकेश ने कहा कि अगर वह दोषी हैं तो मामले की सीबीआई जांच करा ली जाए, लेकिन यदि वह निर्दोष हैं तो उन्हें न्याय मिलना चाहिए।

 

राकेश अवस्थी ने बताया कि उनकी ओपन हार्ट (बाईपास) सर्जरी हो चुकी है और इलाज के कारण उन्हें अक्सर बाहर रहना पड़ता है।

 

इसी दौरान अजीतगंज निवासी चांद खान ने उनसे संपर्क कर उनकी जमीन बिकवाने की बात कही और एग्रीमेंट कराया, जिसमें वीरेंद्र दुबे, ब्रजेन्द्र मिश्रा व चांद खान का नाम शामिल था।

 

अवस्थी का आरोप है कि जमीन के बदले दिए गए सभी चेक बाउंस हो गए।

 

समय पूरा होने के बाद जब वह चांद खान के साथ वीरेंद्र दुबे के पास पहुंचे तो वहां उन्हें जमीन भूल जाने की बात कहते हुए जान से मारने की धमकी दी गई।

 

चांद खान ने जमीन का एग्रीमेंट नारायण भदोरिया के नाम करा दिया।

 

राकेश को सर्जरी और इलाज के कारण पैसों की जरूरत थी, लेकिन रजिस्ट्री के बाद भी उन्हें पैसा नहीं दिया गया।

 

अपने पैसे मांगे तो एक कागज पर हिसाब दिखाया गया, जिसमें पुलिस, पत्रकार और जजों को पैसे देने की बात लिखी हुई थी।

 

अवस्थी का कहना है कि उनकी जमीन हड़प ली गई है और अब पैसा देने से बचने के लिए उनके खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया है।

 

शमशाद अली को लेकर उन्होंने बताया कि कचहरी में चांद खान द्वारा उनके साथ मारपीट की गई थी, जिसका मुकदमा कोतवाली थाने में दर्ज है और उस मामले में शमशाद अली गवाह हैं, इसलिए उन्हें भी फर्जी तरीके से इस मामले में फंसाया जा रहा है।

 

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