महिला अधिवक्ता ने लगाया मारपीट और जान से मारने की कोशिश का आरोप, कार्रवाई न होने से दहशत
बिल्हौर (कानपुर नगर)। तहसील क्षेत्र की एक महिला अधिवक्ता ने अपने ही रिश्तेदारों पर मारपीट, गला दबाकर जान से मारने की कोशिश और लगातार धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि शिकायत के बावजूद पुलिस की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे वह भय के माहौल में जीने को मजबूर है।प्राप्त जानकारी के अनुसार तहसील में विधि व्यवसाय करने वाली एक महिला अधिवक्ता ने आरोप लगाया है कि दो मार्च की सुबह वह रोज़ की तरह घर में चाय बनाने के लिए रसोई में गईं। इस दौरान उन्हें पता चला कि चाय के लिए रखा दूध घर में मौजूद रिश्तेदारों ने बिना बताए इस्तेमाल कर लिया है। जब उन्होंने इस बात को लेकर सामान्य तरीके से पूछताछ की तो विवाद बढ़ गया।पीड़िता के अनुसार इस बात पर रिश्तेदारों ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए उनके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। आरोप है कि इसके बाद आरोपियों सोनी कश्यप पत्नी रामू कश्यप, सुनीता कश्यप पत्नी रामचंद्र कश्यप,रामू कश्यप पुत्र स्व. फुन्नूलाल,रामचंद्र कश्यप पुत्र गंगाराम,बबलू कश्यप पुत्र बालकराम,नैतिक कश्यप पुत्र रामू कश्यप ने एकजुट होकर उनके बाल पकड़कर जमीन पर पटक दिया और लात-घूंसों से मारपीट की, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। महिला अधिवक्ता का यह भी आरोप है कि इस दौरान उनके गले में दुपट्टा कसकर जान से मारने की कोशिश की गई और उन्हें घर में न रहने देने की धमकी दी गई।पीड़िता का कहना है कि किसी तरह वह मौके से निकलकर अपनी जान बचा सकीं। इसके बाद उन्होंने थाना पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत दी।महिला अधिवक्ता का आरोप है कि शिकायत दिए जाने के बाद भी अभी तक पुलिस की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। वहीं आरोपियों द्वारा लगातार डराने-धमकाने की बात भी सामने आई है, जिससे पीड़िता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है।पीड़िता महिला अधिवक्ता ने पुलिस प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है, ताकि भविष्य में उनके साथ कोई अप्रिय घटना न हो सके। वहीं पूरे मामले पर सहायक पुलिस आयुक्त मंजय सिंह ने जल्द कार्यवाही का आस्वासन दिया है।
