इमाम खामनेई की शहादत तमाम आलम ए इंसानियत के लिए बड़ा नुकसान है: सूफी कौसर मजीदी।
कानपुर। ईरान के सुप्रीम लीडर और आलम ए इस्लाम के अज़ीम रूहानी पेशवा आयत उल्लाह सय्यद अली खामनेई की शहादत पर तमाम आलम ए इंसानियत में शदीद ग़म है,उनके चाहने वाले उन्हें याद करके लगातार खिराज ए अकीदत पेश कर रहे हैं,इसी क्रम में कानपुर नगर में खानकाह फ़ैजिया मजीदिया स्थित सूफ़ी खानकाह एसोसिएशन राष्ट्रीय कार्यालय में कुरान ए मुकद्दस की आयतों की तिलावत कर उनके दर्जात बुलंद होने की दुआ की गई,और जुमा के खुतबे में उन्हें याद कर खिराजे अकीदत पेश किया गया,अपने खिताब में सूफ़ी खानकाह एसोसिएशन राष्ट्रीय अध्यक्ष सूफी मोहम्मद कौसर हसन मजीदी ने कहा कि आयत उल्लाह सय्यद अली खामनेई शहीद रहमत उल्लाह अलैह सिर्फ किसी मुल्क के सुप्रीम लीडर नहीं थे,बल्कि तमाम आलम ए इंसानियत के लिए एक रोशन शमा की तरह थे, उन्होंने अपनी सारी जिंदगी इंसानियत की भलाई के लिए वक्फ की थी, उन्होंने कहा कि शहीद इमाम खामनेई की शहादत तमाम आलम ए इंसानियत के लिए एक बहुत बड़ा नुकसान है जिसकी भरपाई किसी तौर पर मुमकिन नहीं, उन्होंने कहा कि इमाम खामनेई बातिल परास्त सहयूनी ताकतों के मुकाबले एक मजबूत चट्टान थे,जिन्हें शहीद करके अमरीका और इजरायल ग्रेटर इजराइल बनाने का नापाक मंसूबा पूरा करने की कोशिश में लगे हैं,जो यक़ीनन कभी पूरा नहीं होगा, उन्होंने हक और सदाकत के लिए शहादत देने वाले इमाम खामनेई के चाहने वालों से सब्र और रज़ा के साथ पुर अमन इक़दाम की अपील की, ख़ास तौर से भारत के मुसलमानों से कानूनी दायरे में रहकर इज़हार ए गम की अपील की।
