कानपुर में भारत मुक्ति मोर्चा का डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन, राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा
कानपुर, 06 मार्च, 2026: भारत मुक्ति मोर्चा और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के संयुक्त तत्वावधान में आज जिलाधिकारी कार्यालय पर महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।
प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन के माध्यम से केंद्र सरकार से तीन प्रमुख मांगें उठाई हैं।
प्रमुख मांगें
ओबीसी जाति-आधारित जनगणना आगामी राष्ट्रीय जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए अलग से जाति कॉलम शामिल किया जाए। संगठन का आरोप है कि कैबिनेट में निर्णय होने के बावजूद अधिसूचना में यह कॉलम न देना ओबीसी समुदाय के साथ धोखा है।
सख्त यूजीसी इक्विटी विनियमन:एससी, एसटी और ओबीसी वर्गों के हितों के संरक्षण के लिए एक सशक्त यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन बनाकर तुरंत लागू किया जाए। मोर्चे का कहना है कि पिछले कमजोर नियमन और उस पर रोक लगने से इन वर्गों के साथ अन्याय हुआ है।
टीईटी से छूट वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता से मुक्त किया जाए।
चरणबद्ध आंदोलन का एलान
ज्ञापन के माध्यम से आगामी आंदोलन की रूपरेखा भी बताई गई है। पहले चरण (06 मार्च) में ज्ञापन देने के बाद, दूसरे चरण (13 मार्च) में जिला मुख्यालयों पर धरना, तीसरे चरण (23 मार्च) में रैली और चौथे चरण (23 अप्रैल, 2026) में भारत बंद का आह्वान किया जाना तय किया गया है ।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और उग्र और व्यापक बनाया जाएगा। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। ज्ञापन जिलाध्यक्ष और जिला संयोजक, भारत मुक्ति मोर्चा की ओर से सौंपा गया। इस मैके पर हाथों में झंडा लहराते हुए दर्जनों की संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे ।
