योगी सरकार में फर्रुखाबाद के 10 हजार से अधिक निराश्रित गौवंश को मिला सुरक्षित आश्रय

 

– जिले में 32 गौ आश्रय स्थल स्थापित, 31 में हो रहा संचालन

– गौशालाओं में चारा-पानी की व्यवस्था, 10,322 गौवंश संरक्षित

 

फर्रुखाबाद, 11 मार्च।

योगी सरकार में निराश्रित गौवंश के संरक्षण को लेकर फर्रुखाबाद जिले में लगातार काम किया जा रहा है। सड़कों और ग्रामीण क्षेत्रों में घूम रहे गौवंश को सुरक्षित रखने के लिए जिले में कुल 32 गौ आश्रय स्थल स्थापित किए गए हैं। इनमें से 31 आश्रय स्थल वर्तमान में संचालित हैं, जहां निराश्रित गौवंश की देखभाल की जा रही है।

 

पशुपालन विभाग के अनुसार, इन आश्रय स्थलों में 10,322 निराश्रित गौवंश को संरक्षित किया गया है। गौशालाओं में पशुओं के लिए हरा चारा, भूसा, दाना और पानी की पर्याप्त व्यवस्था की गई है, जिससे उनके स्वास्थ्य और पोषण का ध्यान रखा जा सके।

 

योगी सरकार की नीति के तहत सड़कों और गांवों में घूम रहे निराश्रित गौवंश को आश्रय स्थलों तक पहुंचाने का काम भी लगातार किया जा रहा है। इसके लिए अभियान चलाकर गौवंश को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर रखा जाता है। इससे जहां एक ओर गौवंश को संरक्षण मिल रहा है, वहीं सड़क दुर्घटनाओं और किसानों की फसलों को होने वाले नुकसान में भी कमी आ रही है।

 

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. धीरज कुमार शर्मा ने बताया कि जिले में संचालित गौ आश्रय स्थलों में गौवंश के लिए चारा, भूसा, दाना और पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप निराश्रित गौवंश को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जा रहा है और उनकी नियमित निगरानी भी की जा रही है।

 

मुख्य बिंदु

• जिले में 32 गौ आश्रय स्थल स्थापित

• 31 आश्रय स्थल संचालित, जहां नियमित देखभाल

• 10,322 निराश्रित गौवंश को संरक्षण

• गौशालाओं में हरा चारा, भूसा, दाना और पानी की व्यवस्था

• सड़कों और गांवों से गौवंश को लाकर आश्रय स्थलों में रखा जा रहा

 

क्या है सरकार की योजना

प्रदेश सरकार की निराश्रित गौवंश के संरक्षण के लिए हर जिले में गौ आश्रय स्थल बनाने की योजना लागू है। इन आश्रय स्थलों में सड़कों और खेतों में घूम रहे गौवंश को सुरक्षित रखा जाता है। यहां उनके लिए चारा-पानी और देखभाल की व्यवस्था की जाती है, ताकि गौवंश को संरक्षण मिल सके और किसानों व आम लोगों को भी राहत मिल सके।

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