*भूमाफिया पर बुलडोजर, चारागाह की 10 करोड़ की जमीन कब्जामुक्त*
घाटमपुर (कानपुर नगर)।
जिलाधिकारी के निर्देशन में भूमाफियाओं के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत मंगलवार को तहसील प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नवेली पावर प्लांट के सामने कानपुर–हमीरपुर हाईवे पर स्थित चारागाह की बेशकीमती जमीन को बुलडोजर चलाकर कब्जामुक्त करा दिया। करीब 56 बिस्वा (0.5600 हेक्टेयर) पशुचर भूमि, जिसकी बाजार कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये आंकी गई है, को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया।
कार्रवाई उपजिलाधिकारी घाटमपुर अबिचल प्रताप सिंह के नेतृत्व में की गई। मौके पर तहसीलदार अंकिता पाठक, नायब तहसीलदार धर्मेंद्र चौधरी, राजस्व निरीक्षक इंद्र कुमार तथा लेखपाल शीलेश भारती और रविंद्र तिवारी सहित राजस्व विभाग की टीम मौजूद रही। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए थाना सजेती की पुलिस फोर्स चौकी प्रभारी नैवेली अनुराग सिंह के नेतृत्व में तैनात रही।
*होटल बनाकर चारागाह की जमीन पर किया गया कब्जा*
राजस्व अभिलेखों के अनुसार गाटा संख्या 349 ख (0.3826 हेक्टेयर) तथा गाटा संख्या 350 (1.6800 हेक्टेयर) पशुचर भूमि के रूप में दर्ज है। आरोप है कि कोयला नगर निवासी राजवीर सिंह पुत्र संतोष सिंह और उनके परिवार के लोगों ने चारागाह की भूमि के करीब 56 बिस्वा हिस्से पर अवैध कब्जा कर लिया था।
कब्जेदारों ने यहां कालिंदी होटल के नाम से भवन बनाकर होटल लॉन, सड़क और अन्य जनसुविधाएं विकसित कर दी थीं। चारागाह की जमीन को खुदवाकर उसका उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था।
*चेतावनी के बावजूद जारी रहा अवैध उपयोग*
राजस्व विभाग ने पहले भी निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद कब्जेदारों ने मनमाने ढंग से निर्माण कर सार्वजनिक उपयोग की भूमि को निजी व्यावसायिक उपयोग में ले लिया। शनिवार को भ्रमण के दौरान उपजिलाधिकारी घाटमपुर ने होटल संचालक को अवैध कब्जा हटाने की चेतावनी दी थी, लेकिन उसने स्वेच्छा से कब्जा हटाने में रुचि नहीं दिखाई।
सोमवार को भी राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर होटल मालिक की उपस्थिति में कब्जा हटाने को कहा, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद मंगलवार सुबह राजस्व और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए बुलडोजर से अवैध निर्माण हटाकर भूमि को कब्जामुक्त करा दिया।
*कार्रवाई के दौरान विरोध, होटल मैनेजर भेजा गया जेल*
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान होटल प्रबंधन की ओर से विरोध किया गया। मौके पर प्रतिरोध कर रहे होटल मैनेजर को पुलिस ने हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। कब्जेदारों के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
*कब्जामुक्त भूमि पर तत्काल चारा बुआई*
कार्रवाई के बाद ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव की मौजूदगी में कब्जामुक्त चारागाह भूमि पर सूचना बोर्ड लगाकर इसे सुरक्षित किया गया। मौके पर ही हरे चारे की बुआई कराई गई, जिससे यह भूमि गौवंशों के चारे के लिए उपयोग में लाई जा सके।
*भूमाफियाओं को चेतावनी*
उपजिलाधिकारी घाटमपुर अबिचल प्रताप सिंह ने कहा कि शासन की मंशा और जिलाधिकारी के स्पष्ट निर्देश हैं कि सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित शासकीय भूमि को भूमाफियाओं और लैंड ग्रैबर्स के कब्जे से मुक्त कराया जाए। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई ऐसे लोगों के लिए चेतावनी है कि वे स्वेच्छा से शासकीय भूमि खाली कर दें, अन्यथा उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। ऐसी भूमि को सार्वजनिक उपयोग तथा जनहित से जुड़ी शासकीय परियोजनाओं के लिए आरक्षित किया जाएगा।
तहसीलदार अंकिता पाठक ने बताया कि पशुचर भूमि आरक्षित श्रेणी की भूमि है, जिसका उपयोग गौआश्रय स्थलों में पल रहे गोवंशों के लिए चारा उत्पादन में किया जाता है। इस पर किसी व्यक्ति को निजी या व्यावसायिक उपयोग का अधिकार नहीं है, इसलिए ग्रामसभा की इस भूमि को कब्जामुक्त कराया गया है।
