राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कि प्रतिवर्ष होने वाली अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक इस बार हरियाणा के पट्टीकल्याणा (समालखा) में 13, 14 व 15 मार्च को संपन्न हुई। संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित प्रतिनिधि सभा की बैठक में देशभर से लगभग 1487 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। समालखा की बैठक से लौटकर आये कानपुर प्रान्त के प्रान्त संघ चालक श्री भवानी भीख जी ने बताया कि बैठक में संघ एवं समवैचारिक सभी संगठनों ने अपने पिछले सत्र में संपन्न हुए कार्यों तथा आगामी वर्ष की कार्य योजना का विवरण सभी प्रतिनिधियों के समक्ष प्रस्तुत किया।
उन्होंने बताया कि संघ के शताब्दी वर्ष में दो प्रकार के कार्यक्रमों की योजना की गई. जिनमें एक संगठन विस्तार और दूसरा समाज की सज्जन शक्ति को सदभाव, समरसता के लिए संगठित करने का उद्देश्य रखा गया। इस दृष्टि से गृह संपर्क अभियान चल रहा है, जिसके अन्तर्गत अभी तक देश के कुछ प्रांतों में ही 10 करोड़ घरों तथा 3 लाख 90 हजार गांवों तक संपर्क किया जा चुका है। सिर्फ केरल राज्य का ही उदाहरण लें तो वहां 55 हजार से ज्यादा मुस्लिम घरों में तथा 54 हजार से ज्यादा ईसाई परिवारों में सम्पर्क किया। देश भर में अभी तक 36000 से अधिक स्थानों पर हिन्दू सम्मेलनों का आयोजन हो चुका है। इसमें अरुणाचल के एक दुर्गम क्षेत्र में आयोजित हिन्दू सम्मेलन का उदाहरण उल्लेखनीय है, जहां लोगों ने कहा कि वे पहली बार इस प्रकार की आत्मीयता अनुभव कर रहे हैं।
प्रान्त संघचालक श्री भवानी भीख जी ने बताया कि संघ शताब्दी वर्ष के शुभारम्भसे अब तक कानपुर प्रान्त में 673 पथसंचलन निकले, जिनमें 1,00,115 (एक लाख एक सौ पंद्रह) स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में उपस्थित थे। 41,398 (इकतालीस हजार तीन सौ अठानवे) स्वयंसेवकों ने गृह संपर्क अभियान के अंतर्गत 35,16,654 (पैंतीस लाख सोलह हजार छः सौ चौवन) घरों में संपर्क किया। इसी अभियान में 2,26,037 (दो लाख छब्बीस हजार सैंतीस) संघ पर आधारित पुस्तकों की बिक्री भी की गई। पूरे प्रांत में 1900 हिन्दू सम्मेलन हो चुके हैं। इनमें 5,47,173 (पांच लाख सैंतालिस हजार एक सौ तिहत्तर) पुरुषों के साथ ही 2,25,509 (दो लाख पच्चीस हजार पांच सौ नौ) महिलाओं ने भी भाग लिया। हिन्दू सम्मेलनों में संघ व अनुषांगिक संगठनों के वक्ताओं के साथ ही 4021 समाज के अन्य विद्वानों ने भी अपने विचार व्यक्त किये। सभी आयोजनों में हमें समाज के हर वर्ग का सहयोग और समर्थन मिला है। संघ शताब्दी वर्ष के अंतर्गत विजयादशमी 2026 तक अभी
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कई अन्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना है, इनमें सामाजिक सद्भाव गोष्ठी, प्रमुखजन गोष्ठी व युवा सम्मेलन आदि प्रमुख हैं।
प्रतिनिधि सभा में यह भी विचार हुआ कि देश में अभी 46 प्रांत हैं, इस व्यवस्था को समाप्त कर 80 से अधिक संभाग बनाए जायेंगे। इसी क्रम में कानपुर प्रान्त के दो संभाग कानपुर और झाँसी बनाए जाएंगे। संघ शताब्दी वर्ष समाप्त होने के बाद यह व्यवस्था लागू करने पर विचार किया गया है।
प्रान्त प्रचार प्रमुख डॉक्टर अनुपम ने बताया कि माननीय सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी द्वारा शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य पर कानपुर के प्रवास में गृह संपर्क अभियान में सहभाग किया था तथा उन्होंने गुरु तेग बहादुर जी के 350वें बलिदान दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भी सहभागिता की थी। इसके अतिरिक्त माननीय सरकार्यवाह जी ने मातृशक्ति से भी संवाद किया था।
नवम गुरु श्री तेग बहादुर जी के बलिदान के 350वें वर्ष के अवसर पर देशभर में 2 हजार से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 7 लाख से अधिक लोग सम्मिलित हुए। इसी प्रकार राष्ट्रगीत वंदेमातरम की 150 वर्षगांठ भी उत्साहपूर्वक मनाई गई। आगामी वर्ष में संत शिरोमणि रविदास जी महाराज के 650वें प्राकट्य वर्ष पर कार्यक्रमों की योजना बनी है।
उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में पूरे देश और कानपुर प्रान्त के संघ कार्य का विस्तार हुआ है। देश में पिछले वर्ष 83,129 शाखाएं संचालित थीं जो अब बढ़कर 88,949 हो गई हैं। इस प्रकार एक वर्ष में शाखाओं की संख्या 5820 की वृद्धि हुई है। इसी प्रकार कानपुर प्रांत में पिछले वर्ष शाखा 2162 तथा 255 सेवा कार्य थे। इस वर्ष शाखा 2337 और 335 सेवा कार्य संस्कार, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन के आधार पर चल रहे हैं। इस प्रकार एक वर्ष में शाखाओं की संख्या में 175 तथा सेवा कार्यों में 80 की वृद्धि हुई है।
