शक्ति उपासना का महापर्व चैत्र नवरात्रि शुरू, कानपुर के मंदिरों में उमड़ा भक्तों का सैलाब
कानपुर शक्ति उपासना का प्रमुख पर्व चैत्र नवरात्रि आज गुरुवार से शुरू हो गया। नौ दिनों तक चलने वाले इस पावन उत्सव के पहले दिन ही कानपुर के प्रमुख मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। भक्तों ने मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
सुबह से ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब मंदिरों में उमड़ पड़ा और मंदिरों के बाहर दर्शन के लिए लंबी लंबी कतारें लग गईं। इस शुभ अवसर पर कानपुर नगर की महापौर प्रमिला पांडेय ने भी माता के दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की मंगलकामना की।
तपेश्वरी माता मंदिर में उमड़ी भीड़, रही मुंडन संस्कारों की धूम
नवरात्रि के पहले दिन बिरहाना रोड स्थित प्रसिद्ध तपेश्वरी माता मंदिर में विशेष रौनक रही। इस मंदिर की मान्यता अन्य मंदिरों से अलग है। मंदिर के प्रमुख पुजारी के अनुसार पौराणिक मान्यता से जुड़े इस मंदिर का संबंध माता सीता से माना जाता है और ऐसा माना जाता है कि माता सीता ने प्रभु श्री राम के परित्याग के बाद अपने वनवास काल में अपने पुत्रों लव-कुश का मुंडन संस्कार यहीं पर कराया था। इसी कारण यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु मुंडन संस्कार के लिए भी पहुंचते हैं।
नवरात्रि के पहले दिन सुबह 5 बजे से ही भक्त दर्शन के लिए लाइनों में लग गए। श्रद्धालु हाथों में पूजा की सामग्री और नारियल लेकर मां के जयकारे लगाते हुए दर्शन के लिए आगे बढ़ रहे थे। भक्तों ने माता को चुनरी और नारियल अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
मंदिर के पुजारी का यह भी कहना है कि मंदिर में घी के दीप जलाने की विशेष मान्यता है, जिसके चलते भक्त बड़े कटोरों में घी के दीपक जलाते हैं। ये दीपक पूरे नौ दिनों तक यहां लगातार जलते रहेंगे, जिससे मंदिर परिसर आस्था और आस्था के प्रकाश से जगमगा रहा है। भक्तों की जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।
