कानपुर; दिनांकः 19.03.2026

कानपुर मेट्रोः नौबस्ता कास्टिंग यार्ड में कॉरिडोर-2 एलिवेटेड सेक्शन के सभी पियर-कैप्स और डबल टी-गर्डर्स की ढलाई पूरी

 

प्री-कास्ट तकनीक से तैयार संरचनाएं, मेट्रो वायाडक्ट के निर्माण में होता है प्रयोग

 

कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के कॉरिडोर-2 (सीएसए – बर्रा-8) के अंतर्गत दो हिस्सों में बन रहे लगभग 4.50 किमी लंबे एलिवेटेड सेक्शन का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस क्रम में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए उक्त सेक्शन के वायाडक्ट में प्रयुक्त होने वाले प्री-कास्ट संरचनाओं में से सभी पियर-कैप्स और डबल टी-गर्डर्स की ढलाई का कार्य नौबस्ता स्थित कास्टिंग यार्ड में पूरा कर लिया गया है। इस दौरान विभिन्न आकारों के कुल 106 पियर-कैप्स और कुल 141 डबल टी-गर्डर्स की ढलाई (कास्टिंग) पूरी की गई। उल्लेखनीय है कि एलिवेटेड सेक्शन में प्रयुक्त सभी प्री-कास्ट संरचनाओं को पहले कास्टिंग यार्ड में तैयार किया जाता है, जिसके बाद उन्हें क्रेन की सहायता से निर्माण स्थल पर निर्धारित स्थान पर परिस्थापित (इरेक्ट) किया जाता है।

 

प्री-कास्ट तकनीक से लाभ

एलिवेटेड मेट्रो के सिविल ढांचे की कई संरचनाएं (पियर-कैप, यू-गर्डर, आई-गर्डर, डबल टी-गर्डर आदि) प्री-कास्ट तकनीक से निर्मित होती हैं। कास्टिंग यार्ड में तैयार करने के बाद इन्हें गुणवत्ता एवं सुरक्षा के मानकों पर परखा जाता है। उपयुक्त पाए जाने पर इन्हें निर्माण स्थल पर भेज दिया जाता है, जहां क्रेन की सहायता से निर्धारित स्थान पर इनका परिनिर्माण (इरेक्शन) किया जाता है। इस प्रणाली से निर्माण कार्य में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ-साथ गति भी बनी रहती है।

 

पियर-कैप्स और डबल टी-गर्डर्स की भूमिका

कानपुर मेट्रो की एलिवेटेड संरचना में पियर कैप्स को पिलर्स के ऊपर स्थापित किया जाता है, जिन पर यू और आई-गर्डर्स का इरेक्शन किया जाता है। वहीं, डबल टी-गर्डर्स का उपयोग एलिवेटेड स्टेशनों के स्टेशन बॉक्स को आधार प्रदान करने के लिए किया जाता है। यूपीएमआरसी के सिविल इंजीनियरों की टीम ने आज नौबस्ता कास्टिंग यार्ड में इन दोनों प्रमुख संरचनाओं की कास्टिंग प्रक्रिया पूर्ण कर ली है।

 

कॉरिडोर-2 (सीएसए – बर्रा-8) की रूपरेखा

लगभग 8.60 किमी लंबे कॉरिडोर-2 (सीएसए – बर्रा-8) में से 4.50 किमी सेक्शन एलिवेटेड है, जिसका निर्माण दो हिस्सों में हो रहा है; पहला हिस्सा कंपनी बाग चौराहे से सीएसए परिसर में स्थित कॉरिडोर-2 डिपो रैंप तक और दूसरा हिस्सा डबल पुलिया रैंप से बर्रा-8 तक। इसके अतिरिक्त लगभग 4.10 किमी लंबा अंडरग्राउंड सेक्शन का निर्माण भी हो रहा है। एलिवेटेड सेक्शन में कुल 5 और अंडरग्राउंड सेक्शन में कुल 3 स्टेशन हैं।

 

कानपुर मेट्रो के इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए प्रबंध निदेशक श्री सुशील कुमार ने कहा, “कानपुर मेट्रो परियोजना के कॉरिडोर-2 एलिवेटेड सेक्शन (एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी – बर्रा-8) का सिविल निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। नौबस्ता कास्टिंग यार्ड में पियर-कैप्स और डबल टी-गर्डर्स की कास्टिंग पूर्ण होना एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। जल्द ही यू-गर्डर्स और आई-गर्डर्स की कास्टिंग भी पूरी होने की उम्मीद है। देश में एलिवेटेड मेट्रो स्टेशनों के निर्माण में डबल टी-गर्डर्स का प्रयोग सबसे पहले कानपुर मेट्रो द्वारा किया गया है। उत्तर प्रदेश मेट्रो के इंजीनियरों की टीम शहरवासियों को समयबद्ध तरीके से मेट्रो सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्यरत है।”

 

गौरतलब है कि लगभग 24 किमी लंबे कॉरिडोर-1 (आईआईटी-नौबस्ता) के अंतर्गत कानपुर मेट्रो की यात्री सेवाएं आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक लगभग 16 किमी लंबे रूट पर चल रहीं हैं। कॉरिडोर-1 के बैलेंस सेक्शन (कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता) और लगभग 8.60 किमी लंबे समग्र कॉरिडोर-2 (सीएसए-बर्रा 8) का सिविल निर्माण कार्य तेजी से बढ़ रहा है।

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