₹2.66 करोड़ की जीएसटी टैक्स चोरी का खुलासा: फर्जी कंपनी बनाकर आईटीसी फ्रॉड करने वाला गिरोह बेनकाब
थाना कल्याणपुर क्षेत्र में जीएसटी टैक्स चोरी से संबंधित एक मुकदमा पंजीकृत किया गया था, जिसमें लगभग ₹2,66,00,000 की कर चोरी का मामला प्रकाश में आया। जांच के दौरान अब तक कुल 03 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पहले 02 अभियुक्तों को पूर्व में गिरफ्तार किया गया था। *तीसरे अभियुक्त दीपक उर्फ मोगली* को आज गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है।
अभियुक्त दीपक उर्फ मोगली के कब्जे से आधार कार्ड, पैन कार्ड एवं मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। जांच में यह तथ्य सामने आया कि अभियुक्तों द्वारा
अपूर्वा ट्रेनिंग कंपनी” नाम से फर्जी कंपनी बनाई गई थी।
इस फर्जी कंपनी के माध्यम से मूंगफली एवं अन्य वस्तुओं की सप्लाई दर्शाकर फर्जी आईटीसी (Input Tax Credit) जारी किया गया। इसी आधार पर लगभग ₹2.66 करोड़ की कर चोरी का लाभ लिया गया।
उक्त प्रकरण में जीएसटी विभाग के अधिकारियों द्वारा मुकदमा दर्ज कराया गया था, जिसकी विवेचना क्राइम ब्रांच द्वारा की जा रही है। पूछताछ में यह भी ज्ञात हुआ कि गिरोह का मुख्य अभियुक्त राकेश साहू है, जो वर्तमान में फरार है और झांसी में होने की सूचना है। उसकी गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम सक्रिय रूप से प्रयासरत है।
यह एक संगठित गिरोह है, जिसमें मुख्य अभियुक्त के अलावा अन्य सदस्य सहयोगी (सब्सिडियरी) के रूप में कार्य कर रहे थे। जांच के दौरान 5 से 7 संदिग्ध कंपनियों की भूमिका भी सामने आई है, जिनके माध्यम से फर्जी लेन-देन एवं आईटीसी क्लेम किया गया। संबंधित ट्रांसपोर्टर एवं दस्तावेजों की भी गहन जांच की जा रही है।
जिन-जिन व्यक्तियों/कंपनियों के दस्तावेज फर्जी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध विधिक कार्यवाही की जाएगी। प्रकरण की विवेचना प्रगति पर है तथा शीघ्र ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर केस के निस्तारण की कार्रवाई की जाएगी।
