स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं का विरोध, नौबस्ता केस्को सब स्टेशन पर किया प्रदर्शन

 

कानपुर नगर में एक बार फिर स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं का आक्रोश सामने आया है। नौबस्ता स्थित केस्को सब स्टेशन पर सैकड़ों उपभोक्ताओं ने एकत्र होकर प्रदर्शन किया और अपनी समस्याओं को लेकर जोरदार विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन में महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रूप से अधिक रही, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि समस्या घरेलू स्तर पर व्यापक असर डाल रही है।

दरअसल, उपभोक्ताओं का आरोप है कि उनके घरों में लगाए गए स्मार्ट मीटर रिचार्ज कराने के बावजूद सही तरीके से काम नहीं कर रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि पर्याप्त बैलेंस होने के बाद भी अचानक बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है। ऐसे में उन्हें बार-बार सब स्टेशन या संबंधित कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं।

प्रदर्शनकारियों के अनुसार, स्मार्ट मीटर प्रणाली में तकनीकी खामियां हैं। उनका कहना है कि रिचार्ज करने के कुछ ही समय बाद बैलेंस समाप्त होने का संदेश आ जाता है या फिर बिना किसी स्पष्ट कारण के बिजली कट जाती है।हालांकि स्मार्ट मीटर का उद्देश्य पारदर्शिता और उपभोग के आधार पर सटीक बिलिंग सुनिश्चित करना बताया गया था, लेकिन उपभोक्ताओं का अनुभव इससे अलग रहा है। इसी वजह से नाराजगी बढ़ती जा रही है।

इस प्रदर्शन की एक प्रमुख विशेषता यह रही कि बड़ी संख्या में महिलाएं सब स्टेशन पहुंचीं। उनका कहना था कि घर की दैनिक जरूरतों पर बिजली कटौती का सीधा असर पड़ता है। बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कामकाज और अन्य आवश्यक गतिविधियां बाधित होती हैं।

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहीं उपभोक्ता पूनम दुबे ने कहा कि यदि स्मार्ट मीटर व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो लोगों का भरोसा पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। उन्होंने मांग की कि या तो तकनीकी खामियों को तुरंत दूर किया जाए अथवा पुराने मीटर पुनः लगाए जाएं, ताकि उपभोक्ताओं को रिचार्ज के बावजूद बिजली कटौती का सामना न करना पड़े।

प्रदर्शन में शामिल चंदा साहू और नवल प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि संबंधित विभाग उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से नहीं ले रहा है। उनका कहना था कि कई बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं मिलता।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थिति में शीघ्र सुधार नहीं हुआ तो उपभोक्ता केस्को एमडी कार्यालय पर व्यापक प्रदर्शन करेंगे। हालांकि प्रदर्शन के दौरान स्थिति नियंत्रण में रही और किसी प्रकार की अव्यवस्था की सूचना नहीं मिली।स्मार्ट मीटर योजना का उद्देश्य बिजली वितरण प्रणाली को आधुनिक बनाना, बिलिंग में पारदर्शिता लाना और उपभोक्ताओं को वास्तविक समय में खपत की जानकारी देना है। इसके माध्यम से उपभोक्ता अपनी बिजली खपत पर बेहतर नियंत्रण रख सकते हैं।फिर भी, प्रारंभिक चरण में तकनीकी और प्रबंधन संबंधी चुनौतियां सामने आना असामान्य नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी नई प्रणाली को पूर्ण रूप से सुचारु होने में समय लगता है। इसलिए जरूरी है कि विभाग और उपभोक्ताओं के बीच संवाद कायम रहे।प्रदर्शन के बाद उपभोक्ताओं की मांग है कि विभाग एक हेल्पलाइन या विशेष कैंप आयोजित कर समस्याओं का त्वरित समाधान करे। साथ ही, मीटर रीडिंग और रिचार्ज डेटा की पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी भ्रम की स्थिति न बने।इसके अतिरिक्त, तकनीकी टीमों को नियमित रूप से मीटर की जांच करनी चाहिए। यदि कहीं तकनीकी खराबी पाई जाती है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जाना चाहिए।

जहां एक ओर उपभोक्ताओं की परेशानियां वास्तविक हैं, वहीं दूसरी ओर आधुनिक तकनीक को पूरी तरह खारिज करना भी दीर्घकालिक समाधान नहीं हो सकता। इसलिए आवश्यक है कि समस्याओं की पहचान कर उन्हें व्यवस्थित तरीके से दूर किया जाए।यदि विभाग समयबद्ध ढंग से शिकायतों का निस्तारण करता है, तो न केवल उपभोक्ताओं का भरोसा लौटेगा बल्कि स्मार्ट मीटर योजना का उद्देश्य भी सफल होगा।

कानपुर में स्मार्ट मीटर को लेकर हुआ यह विरोध प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि जमीनी स्तर पर कुछ मुद्दों पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। उपभोक्ताओं की नाराजगी को समझते हुए विभाग को पारदर्शी और त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए।आखिरकार, बिजली जैसी मूलभूत सुविधा से जुड़ी किसी भी समस्या का समाधान प्राथमिकता पर होना चाहिए। यदि संवाद और सुधार की प्रक्रिया साथ-साथ चले, तो स्थिति जल्द ही सामान्य हो सकती है।

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