डॉ० अम्बेडकर जन्मोत्सव के पूर्व डॉ० अम्बेडकर चेतना वाहन रैली का आयोजन

 

 

 

कानपुर, विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी भारतीय दलित पैंथर के तत्वावधान में डॉ० अम्बेडकर जन्मोत्सव के पूर्व डॉ० अम्बेडकर चेतना वाहन रैली का आयोजन डॉ०’ अम्बेडकर प्रतिमा स्थल, कम्पनी बाग नवाबगंज से प्रारम्भ हुई। जहाँ पर दो पहिया वाहन, तीन पहिया व चार पहिया वाहनों से रैली प्रारम्भ होकर तिलक नगर, आर्य नगर, दी चार्ट चौराहा, मधुराज हास्पिटल, मोतीझील चौराहा, बेनाझाबर, ईदगाह चौराहा, बकरमन्डी, चुन्नीगंज, लाल इमली, परेड, बड़ा चौराहा होते हुये नाना राव पार्क अम्बेडकर प्रतिमा पर समाप्त हुयी।रैली में लोग नारे लगाते चल रहे थे जब तक सूरज चाँद रहेगा, बाबा साहेब का नाम रहेगा। भारतीय संविधान के निर्माता, बाबा साहेब अम्बेडकर, बाबा साहेब का कारवां आगे बढ़ता जायेगा। रैली समापन के उपरान्त उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित करते हुये दलित पैंथर के प्रान्तीय अध्यक्ष पैंथर धनीराम बौद्ध ने अपने सम्बोधन में कहा कि इस वर्ष 14 अप्रैल 2026 को डॉ0 बाबा साहेब अम्बेडकर का 135वां जन्मोत्सव समारोह मनाया जा रहा है। डॉ० बाबा साहेब अम्बडकर 14 अप्रैल, 1891 में गरीब और दलित समाज में एक चमकाते हुये सूरज की भांति चमके जिसकी चमक पूरे विश्व में हुयी। बाबा साहेब अम्बेडकर आज भी भारत के करोड़ो-करोड़ो नागरिकों के दिलों पर राज कर रहे है वही विश्व भी उन्हें सम्मान की निगाहों से देख रहा है। वह विद्वता के अपार धनी थे, वह किसी एक धर्म एक जाति के नेता नहीं थे।अम्बेडकर चेतना रैली में प्रमुख रूप से डॉ० सुभाष चन्द्रा, कुमीगक सुन्दरम्, शैलन्द्र कुमार, राम नरेश, पंकज आजाद, पंकज जायसवाल, नवीनचन्द्र गौतम एडवोकेट, मुन्ना हजरिया, विनय सेन, प्रभु, चन्द्रशेखर बब्लू, अनिल जायसवाल, संजय गुप्ता, सूरज कुमार, जिला अध्यक्ष हरीओम खन्ना, जय कठेरिया, विनीत गौतम, शिव प्रताप बौद्ध, सूरज निषाद, श्रवण कुमार, अनिल कुमार गौतम, नमन गौतम, वीरेन्द्र बहुजन, अभी बहुजन, परशुराम यादव, मुकेश सिंह, कमलेश सिंह, मनोज सिंह, अभिरन सिंह, हरिश्चन्द्र, मनीषा पैंथर, माला जासवाल, चन्द्रशेखर बब्लू शिवम सिंह आजाद, रवि गौतम, विनय गौतम, सुभाष साहू, संतोष कुमार, एन०बी० गौतम,भगवानदीन वर्मा, अनिल प्रजापति, राहुल गौतम, जितेन्द्र मिन्टू, आशीष गुप्ता, बाबू पासवान, संदीप पासवान, मीना वर्मा, उर्मिला राजपूत, सीमा जीत, बब्ली गौतम, कौशाल्य राजपूत, सुनीता आदि लोग थे।

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