बीमारी से जिंदगी की जंग हार गया एयरफोर्स का जवान

 

:-भीतरगांव ब्लाक के पैत्रक गांव नेवादा-भरथुवा में मंगलवार शाम पहुंचा पार्थिव शरीर, सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार……

 

भीतरगांव। एयर फोर्स में कॉरपोरल सुशील कुमार जिंदगी और मौत के बीच 44 दिनों के लंबे संघर्ष के बाद आखिरकार जिंदगी की जंग हार गए। सोमवार को लखनऊ के कमांड हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली। मंगलवार शाम पार्थिव शरीर उनके पैत्रक गांव पहुंचा जहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

भीतरगांव ब्लॉक के नेवादा-भरथुवा निवासी सुशील उमराव एयरफोर्स में काॅरपोरल के पद पर जम्मू में तैनात थे। उनकी शादी तीन साल पहले मौसमी से हुई थी। एक माह पहले ही घर में बेटे का जन्म हुआ था। जम्मू में तैनाती के दौरान सुशील को आग्नाशय में संक्रमण हुआ। बीते 22 फरवरी को वायु सेना अस्पताल, कानपुर में भर्ती हुए। हालत बिगड़ने पर 17 मार्च को लखनऊ कमांड हॉस्पिटल रेफर किया गया। जहां जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे थे। 44 वें दिन सोमवार को सुशील उमराव ने अंतिम सांस ली।

मंगलवार शाम को सुशील का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव नेवादा-भरथुवा पहुंचा। सुशील कुमार अमर रहें के नारों से पूरा गांव गूंजता रहा। वायु सेना के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया और नम आंखों से सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। परिवार में पिता रामलाल वर्मा के निधन के बाद घर की जिम्मेदारी संभालने वाले सुशील अपने पीछे बूढ़ी मां देवरति, दो भाइयों और छह बहनों का रोता-बिलखता परिवार छोड़ गए हैं। सुशील की शादी 3 वर्ष पहले मौसमी से हुई थी। जिसके एक माह का बेटा है। जम्मू से आए एयरफोर्स के विंग कमांडर नितिन एस की अगवाई में एयरफोर्स के जवानों ने सैन्य सलामी के साथ अंतिम विदाई दी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *